‘रहस्य पार्ट-2’ कार्यशाला बनी अध्यात्म और ज्ञान का संगम ; तेरापंथ महिला मंडल कांदिवली का भव्य आयोजन
तेरापंथ महिला मंडल, कांदिवली द्वारा मुनि कुलदीप कुमार और मुनि मुकुल कुमार के सान्निध्य में “जैन वाङ्मय दीपावली विशेष कार्यशाला – रहस्य पार्ट-2” का भव्य आयोजन किया गया। तेरापंथ भवन, कांदिवली में आयोजित इस कार्यशाला ने श्रद्धालुओं को धार्मिक ज्ञान और जीवन के रहस्यों की नई दृष्टि प्रदान की।

मुंबई। तेरापंथ भवन, कांदिवली एक बार फिर अध्यात्म, जिज्ञासा और ज्ञान की ऊर्जा से आलोकित हुआ, जब तेरापंथ महिला मंडल, कांदिवली द्वारा “जैन वाङ्मय दीपावली विशेष कार्यशाला – रहस्य पार्ट-2” का आयोजन किया गया। मुनि कुलदीप कुमार और मुनि मुकुल कुमार के पावन सान्निध्य में सम्पन्न इस कार्यशाला ने श्रद्धालुओं को न केवल धार्मिक ज्ञान से समृद्ध किया, बल्कि जीवन के गूढ़ रहस्यों को समझने का भी अवसर प्रदान किया।
कार्यशाला का उद्देश्य था — जीवन की दिशा में आध्यात्मिक चिंतन को जोड़ना और आगमों में निहित ज्ञान को व्यवहारिक जीवन में उतारने की प्रेरणा देना। आयोजन से पहले ही तेरापंथ भवन में श्रद्धालुओं की भीड़ और उत्साह देखने योग्य था। पूरे परिसर में भक्ति और जिज्ञासा का वातावरण व्याप्त था।
कार्यक्रम की शुरुआत मुनि कुलदीप कुमार के द्वारा नमस्कार महामंत्र से हुई, जिसने वातावरण को अध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। इसके बाद कांदिवली कन्या मंडल ने भारती सेठिया द्वारा रचित मंगलाचरण प्रस्तुत किया, जिसने कार्यक्रम की गरिमा में चार चाँद लगा दिए। महिला मंडल की अध्यक्ष निर्मला कोठारी ने सभी अतिथियों का हार्दिक स्वागत किया और कार्यशाला के उद्देश्य पर प्रकाश डाला।
मुनि कुलदीप कुमार ने अपने प्रवचन में कहा, “यह कार्यशाला केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्मा की गहराइयों को जानने का एक प्रयास है। जब तक हम भीतर के रहस्यों को नहीं समझेंगे, तब तक जीवन के उद्देश्य को नहीं पा सकते।” उन्होंने यह भी कहा कि इस कार्यशाला में मुनि मुकुल कुमार का योगदान अमूल्य है, जिन्होंने इसे नई दिशा दी है।
मुनि मुकुल कुमार ने तीन घंटे के अपने गहन और प्रभावशाली वक्तव्य में आगम ग्रंथों के अनेक रहस्यों से पर्दा उठाया। उन्होंने बताया कि कैसे आगमों में निहित मंत्रों के प्रयोग से मनुष्य अपने जीवन की कठिनाइयों को कम कर सकता है। उन्होंने पैंसठिया छंद, यंत्र-मंत्र, नक्षत्र, उपसर्गहर स्त्रोत, दीपावली विशेष सिद्धि मंत्र और वास्तु शास्त्र के रहस्यों को सरल भाषा में समझाया। उनका प्रवचन श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक ज्ञान और प्रेरणा का स्रोत बन गया।
कार्यशाला की सफलता में सुमन सुमति चंद गोटी, तेरापंथ समाज अंधेरी, माणकचंद रूपचंद दुग्गड़ चैरिटेबल ट्रस्ट और गोमती देवी प्यार चंद्र मेहता का विशेष योगदान रहा। उनके समर्पण के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उन्हें सम्मानित किया गया। साथ ही तुलसी महाप्रज्ञ फाउंडेशन का सहयोग भी आयोजन के संचालन में महत्वपूर्ण रहा।
इस अवसर पर तेरापंथी सभा मुंबई के अध्यक्ष मानक धींग, वरिष्ठ उपाध्यक्ष चांद रतन दूगड़, मंत्री प्यारचंद मेहता, पूर्व अध्यक्ष विनोद बोहरा और रचना हिरण सहित अनेक गणमान्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। कांदिवली महिला मंडल अध्यक्ष निर्मला कोठारी ने बताया कि मंडल की टीम ने कार्यशाला की सफलता के लिए कई दिनों तक समर्पित तैयारी की।
मंत्री रेखा धोखा के अनुसार कार्यशाला संयोजिका विभा श्रीश्रीमाल, प्रेक्षा प्रशिक्षक पारसमल दूगड़ और बोरीवली सभा अध्यक्ष संगीता सिंघी सहित अनेक कार्यकर्ता सक्रिय रूप से जुटे रहे। कार्यशाला के आयोजन, स्वागत, भोजन और अनुशासन की व्यवस्था में रेखा धोखा, सुशीला मादरेचा, प्रीति बोथरा, जया सोलंकी, अभिलाषा चोपड़ा, पम्मी लूनिया, अलका पटावरी, निशा दुग्गड़, सुमन नाहटा और अन्य अनेक सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कन्या मंडल संयोजिका यशी कोठारी और सहसंयोजिकाएँ सृष्टि दुग्गड़, महक चौरड़िया, यशिका दूगड़, लब्धि जैन और माही जैन ने भी आयोजन में उल्लेखनीय योगदान दिया।
इस भव्य आयोजन में मुंबई के विभिन्न क्षेत्रों — कांदिवली, दहिसर, बोरीवली, मलाड, अंधेरी, गोरेगांव, विलेपार्ले, बांद्रा सहित गुवाहाटी और सचीन से लगभग 2500 से अधिक श्रद्धालुओं ने भाग लिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान शांति, भक्ति और जिज्ञासा का अनूठा संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम का समापन विभा श्रीश्रीमाल के कुशल संचालन और रेखा धोखा के आभार प्रदर्शन के साथ हुआ। इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने अनुभव किया कि “रहस्य पार्ट-2” केवल एक कार्यशाला नहीं, बल्कि आत्मचिंतन, आध्यात्मिकता और जीवन दर्शन की गहराइयों में उतरने का एक सशक्त माध्यम थी।
इस आयोजन ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया कि जब भक्ति और ज्ञान का संगम होता है, तो धर्म केवल पूजा तक सीमित नहीं रहता — वह जीवन जीने की कला बन जाता है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
