'सपनों की नगरी' बनी एशिया का सबसे खुश शहर ; पुरे विश्व में भारत इस स्थान पर..
मुंबई को टाइम आउट मैगजीन के 2025 सर्वे में एशिया का सबसे खुशहाल शहर और विश्व में पांचवां स्थान मिला है। इसकी सामाजिक संस्कृति, सड़क का भोजन, समुद्र तट, करियर अवसर और बॉलीवुड उद्योग शहरवासियों की खुशी बढ़ाते हैं।

मुंबई, महाराष्ट्र
टाइम आउट मैगजीन द्वारा 2025 के वार्षिक सर्वे में मुंबई को एशिया की सबसे खुशहाल शहर चुना गया है। यह सर्वे 18,000 से अधिक शहरी निवासियों पर किया गया जिसमें संस्कृति, खान-पान, नाइटलाइफ, सामाजिक खुशहाली और जीवन की गुणवत्ता जैसे कई पहलुओं को मापा गया। मुंबई ने एशिया में यह शीर्ष स्थान प्राप्त करते हुए विश्व के खुशहाल शहरों की सूची में भी पांचवां स्थान हासिल किया है, जो ठोस संकेत है कि मुंबई के निवासी अपने शहर में खुशी और संतुष्टि का अनुभव कर रहे हैं। मुंबई का यह स्थान तेजी से बढ़ती जीवनशैली और आर्थिक अवसरों के बावजूद यहां की सामाजिक गतिशीलता और सांस्कृतिक विविधता को दर्शाता है। इस बीच, भारत में लगातार बढ़ते मेगासिटी के रूप में मुंबई दुनिया की वैश्विक मानचित्र पर खुशी के शहर के रूप में भी उभर रहा है।
मुंबई की पूरी रैंकिंग-
एशिया की शीर्ष 10 खुशहाल शहर (2025):
- मुंबई, भारत
- बीजिंग, चीन
- शंघाई, चीन
- चियांग माई, थाईलैंड
- हनोई, वियतनाम
- जकार्ता, इंडोनेशिया
- हांगकांग
- बैंकॉक, थाईलैंड
- सिंगापुर
- सियोल, दक्षिण कोरिया
विश्व के शीर्ष 10 खुशहाल शहर (2025):
- अबू धाबी, यूएई
- मेडेलीन, कोलंबिया
- केप टाउन, दक्षिण अफ्रीका
- मेक्सिको सिटी, मेक्सिको
- मुंबई, भारत
- बीजिंग, चीन
- शंघाई, चीन
- शिकागो, अमेरिका
- सेविला, स्पेन
- मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया
मुंबई अपनी जीवंत सामाजिक संस्कृति, सड़क के स्वादिष्ट खाने की विविधता, बॉलीवुड मनोरंजन उद्योग, करियर के अवसर और खूबसूरत समुद्र तटों के कारण लोगों की खुशियों का प्रमुख केंद्र माना जाता है। 2025 में हुए सर्वेक्षण में मुंबई ने दुनिया और एशिया दोनों स्तरों पर अपनी खुशहाली में उल्लेखनीय सुधार दिखाया है। इससे पहले मुंबई ने इतनी उच्च रैंकिंग हासिल नहीं की थी। इस सुधार ने शहरवासियों की संतुष्टि, खुशी और सामाजिक जुड़ाव में वृद्धि को दर्शाया है। विशेष रूप से तेज़-तर्रार जीवनशैली वाले शहरों जैसे टोक्यो और सिंगापुर की तुलना में बेहतर प्रदर्शन करना मुंबई के लिए बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि इन शहरों में वर्क-लाइफ बैलेंस की कमी को खुशहाली में कमी का मुख्य कारण माना जाता है।
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Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
