ठाणे में शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रदीप उर्फ बालू पूर्णेकर की हत्या की जांच में नया मोड़ आया है। कपूरबावड़ी पुलिस ने बुधवार को पप्या शिंदे को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार शिंदे की मृतक से पुरानी दुश्मनी थी। पूछताछ में शिंदे ने हत्या में शामिल होने से इनकार किया और पुलिस को बताया कि वह उन संदिग्धों को जानता है, जिन्होंने कथित तौर पर हत्या की योजना बनाई और उसे अंजाम दिया।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, खुफिया जानकारी में शिंदे की हत्या में प्रत्यक्ष भूमिका होने की बात सामने आई है। गिरफ्तारी के बाद शिंदे को बुधवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे आगे की पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। पूर्णेकर उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) के ठाणे विभाग प्रमुख थे। मंगलवार रात कपूरबावड़ी पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत मानपाड़ा स्थित उनके कार्यालय के बाहर अज्ञात हमलावरों ने उन्हें गोली मार दी थी।

पुलिस ने बताया कि मामले में फरार अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है और उन्हें पकड़ने के लिए कई पुलिस टीमों का गठन किया गया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक शिंदे समेत सभी संदिग्ध स्थानीय हैं और मानपाड़ा क्षेत्र तथा वहां की विभिन्न जगहों से परिचित हैं। इसी वजह से पुलिस का मानना है कि उन्हें इलाके की विस्तृत रेकी की जरूरत नहीं थी। हालांकि, सूत्रों के अनुसार संदिग्धों ने हमले से पहले कुछ दिनों तक पूर्णेकर पर नजर रखी और उनकी गतिविधियों का पता लगाया था। कथित तौर पर यह रेकी उस स्थान की पहचान के लिए की गई थी, जहां पूर्णेकर पर हमला किया जा सकता था। इसके बाद मंगलवार रात मानपाड़ा में गणेश नगर चर्च के पास उनके कार्यालय को निशाना बनाया गया।

कपूरबावड़ी पुलिस थाने में पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसमें शिंदे, संतोष कनोजिया उर्फ टल्ली, निखिल यादव उर्फ शूटर और दो अज्ञात व्यक्तियों के नाम शामिल हैं। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराएं 103(1), 3(5) और 61 तथा शस्त्र अधिनियम की धाराएं 3, 25 और 27 लगाई गई हैं।

पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता मंदार बाबन घोडके पूर्णेकर के रिश्तेदार और प्रत्यक्षदर्शी हैं। वह रात करीब 9.30 बजे पूर्णेकर के कार्यालय में मौजूद थे, तभी शिंदे वहां पहुंचा। कुछ देर बाद घोडके ने कनोजिया, यादव और दो अन्य लोगों को कार्यालय की ओर आते देखा। इसके बाद उन्हें चार से पांच गोलियां चलने जैसी आवाज सुनाई दी।

घोडके ने पुलिस को बताया कि बाद में उन्होंने पूर्णेकर को कार्यालय के अंदर घायल और खून से लथपथ पाया। उस समय शिंदे कथित तौर पर उन्हें पकड़े हुए था। पूर्णेकर को आर मॉल के पास स्थित इन्फिनिटी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने गर्दन और दाहिनी जांघ सहित धारदार हथियार से किए गए कई घावों की पुष्टि की है।

एक सूत्र ने कहा, "शिंदे ने राजनीतिक और सामाजिक विवादों से उपजी एक सुनियोजित साजिश के तहत मिलकर काम किया। हालांकि, सभी संदिग्धों की गिरफ्तारी के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।"

घोडके के अनुसार, शिंदे पूर्णेकर का पूर्व सहयोगी था और करीब छह महीने पहले हुए एक चुनाव में उसने उनके खिलाफ चुनाव लड़ा था। शिंदे 28 सितंबर को भी पूर्णेकर के कार्यालय गया था, यानी हत्या से एक दिन पहले, और करीब एक घंटे तक वहां रहा था।

पुलिस अब शिंदे से हिरासत में पूछताछ कर रही है। जांच का अगला चरण फरार संदिग्धों का पता लगाने और हत्या की पूरी घटनाक्रम श्रृंखला स्थापित करने पर केंद्रित है।

इस बीच, शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने बुधवार को पार्टी कार्यकर्ताओं और पूर्णेकर के परिवार के साथ कपूरबावड़ी पुलिस थाने के बाहर विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने हत्या में शामिल सभी लोगों की गिरफ्तारी और कथित साजिश के मुख्य सूत्रधार की पहचान की मांग की।

Pratahkal Newsroom

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