मुंबई। बीएमसी चुनाव की राजनीति धीरे-धीरे अपने चरम पर पहुँच रही है और राजनीतिक दल अपने गठबंधन एवं रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। इसी बीच ठाकरे बंधुओं के बीच सीट बंटवारे को लेकर चर्चाएं अंतिम चरण में हैं।

सूत्रों के अनुसार, राज ठाकरे ने उद्धव ठाकरे से मुंबई की 227 नगर निगम सीटों में से 75 सीटों पर चुनाव लड़ने की पेशकश की है। वहीं, उद्धव ठाकरे ने मनसे प्रमुख को 70 सीटें देने पर सहमति जताई है। ये वही सीटें हैं, जहां राज ठाकरे की मनसे और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है।

राज्य में कुल 246 नगर पालिकाओं और 42 नगर पंचायतों के चुनाव की वोटिंग 2 दिसंबर को होगी, जबकि चुनावी नतीजे 3 दिसंबर को घोषित किए जाएंगे। बीएमसी का अगला आम चुनाव जनवरी 2026 में होने की संभावना है।

यह चुनाव दोनों ठाकरे बंधुओं के लिए किसी ‘अग्निपरीक्षा’ से कम नहीं है। शिवसेना के लिए यह अपनी राजनीतिक पहचान बनाए रखने की चुनौती है, तो मनसे के लिए भी यह शक्ति प्रदर्शन का मौका है।

सीट बंटवारे को लेकर पहले दोनों दलों ने 60:40 के फार्मूले पर विचार किया था। इसमें 60 प्रतिशत सीटें उद्धव ठाकरे की शिवसेना को और 40 प्रतिशत सीटें मनसे को देने की योजना बनाई गई थी। इस आधार पर 227 सीटों में से शिवसेना को लगभग 147 और मनसे को 80 सीटें मिलने का अनुमान था। हालांकि, अंतिम दौर की बातचीत में यह फार्मूला संशोधित हुआ है और अब 70-75 सीटों का नया समीकरण सामने आया है।

मुंबई, ठाणे, नाशिक और कल्याण-डोंबिवली मनपा में दोनों दलों की पैठ मजबूत है। ऐसे में ठाकरे बंधुओं का संभावित गठबंधन न केवल चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा है, बल्कि इससे नगर निगम चुनावों के परिणाम और भविष्य की राजनीतिक समीकरण भी प्रभावित हो सकते हैं।

बीएमसी चुनाव में यह सीट बंटवारा और संभावित गठबंधन पूरी राजनीतिक दुनिया की निगाहों में है, जो तय करेगा कि मनसे और शिवसेना किस तरह अपनी ताकत दिखाते हैं और कौन किस क्षेत्र में बढ़त बनाएगा।

Pratahkal Bureau

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