लाडनूं, राजस्थान, 27 सितंबर। अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद् के 60वें राष्ट्रीय अधिवेशन ‘संवर्धनम्’ के अवसर पर जैन विश्व भारती विश्वविद्यालय, लाडनूं में युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमणजी के पावन सान्निध्य में तेरापंथ युवक परिषद् दक्षिण मुंबई को विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य एवं योगदान के लिए चार महत्वपूर्ण सम्मानों से सम्मानित किया गया।

परिषद् को FIT YUVA – HIT YUVA – Yoga Se Hoga 2.0 (2026–27) में उत्कृष्ट योगदान एवं सक्रिय सहभागिता के लिए सम्मान प्राप्त हुआ। इसके साथ ही नेत्रदान पखवाड़ा 2026–27 में परिषद् द्वारा किए गए उल्लेखनीय श्रम के लिए भी सम्मान प्रदान किया गया।

सत्र 2025–26 में विशाल श्रेणी (126 से 250 सदस्य) की परिषदों में संगठन के क्षेत्र में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर तेरापंथ युवक परिषद् दक्षिण मुंबई को सम्मानित किया गया। वहीं, सत्र 2026–27 में चोखा सत्कार में परिषद् के योगदान के लिए भी सम्मान प्रदान किया गया।

इन चारों उपलब्धियों के बाद परिषद् में हर्ष एवं गौरव का वातावरण रहा। परिषद् ने इन सम्मानों को पूरी टीम की एकजुटता, समर्पण, सक्रियता एवं निरंतर प्रयासों का परिणाम बताया। परिषद् के अनुसार अध्यक्ष से लेकर प्रत्येक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता तक, हर सदस्य का योगदान इन उपलब्धियों में महत्वपूर्ण रहा है।

तेरापंथ युवक परिषद् दक्षिण मुंबई ने इन सम्मानों को सेवा, संगठन एवं सामाजिक गतिविधियों के क्षेत्र में और अधिक उत्साह एवं समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा बताया। इस अवसर पर तेरापंथ युवक परिषद् दक्षिण मुंबई से अध्यक्ष सुमित सुराणा, निवर्तमान अध्यक्ष गिरीश सिसोदिया, मंत्री श्रेयांस मुनोत, कोषाध्यक्ष रौनक धाकड़, उपाध्यक्ष पूरण चपलोत एवं दर्शन डागलिया तथा संगठन मंत्री दीपक कच्छारा की उपस्थिति रही। यह जानकारी नितेश धाकड़ ने दी।

Naresh Ameta (Mumbai)

Naresh Ameta (Mumbai)

नरेश अमेटा (मुंबई), प्रात:काल समाचार वेबसाइट के अनुभवी संवाददाता हैं। मुंबई से कार्यरत नरेश जी समाचार की सटीकता और निष्पक्षता के लिए जाने जाते हैं। वे प्रमुख राष्ट्रीय और स्थानीय खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं और अपने विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण से पाठकों को घटनाओं की गहरी समझ प्रदान करते हैं। नरेश जी की लेखनी में तथ्यपरक जानकारी के साथ-साथ घटनाओं की ताज़ा और भरोसेमंद प्रस्तुति देखने को मिलती है, जो प्रात:काल के पाठकों के लिए समाचार अनुभव को और समृद्ध बनाती है।

Next Story