मुंबई। महाराष्ट्र में नगर निकाय चुनावों से पहले महायुति गठबंधन यानी शिवसेना, बीजेपी और नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के बीच तल्खी बढ़ती जा रही है। गठबंधन के भीतर बढ़ते विवाद ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। जहां नेताओं की बयानबाजी और पार्टी में हस्तांतरण की घटनाएं लगातार जारी हैं, वहीं उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे द्वारा पहले चेतावनी के बावजूद हाल ही में बीजेपी ने डोंबीवली के दो नेताओं को अपने में शामिल कर लिया।

इस पर शिवसेना नेताओं और विधायकों ने विरोध स्वरूप प्रेस वार्ता की। उन्होंने बीजेपी महाराष्ट्र अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण पर गंभीर आरोप लगाए कि उन्होंने महायुति गठबंधन की नीतियों और नियमों का उल्लंघन करते हुए शिवसेना नेताओं को पार्टी में शामिल कराया। शिवसेना नेताओं का कहना था कि बीजेपी के अधिकारी उनके घर जाकर उन्हें दल छोड़ने के लिए प्रलोभन दे रहे हैं, जो गठबंधन की अखंडता और अनुशासन के खिलाफ है।

बीजेपी ने भी पलटवार किया। कल्याण इकाई के अध्यक्ष नंदू परब ने शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि अंबरनाथ में रॉसलिन फर्नांडिज को शामिल कर शिवसेना ने महायुति के नियमों की अवहेलना की। परब ने स्पष्ट किया कि पार्टी अध्यक्ष की ओर से आदेश है कि अब और किसी भी शिवसेना नेता को बीजेपी में शामिल न कराया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसा दोबारा हुआ, तो बीजेपी भी कार्रवाई करने में पीछे नहीं हटेगी।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह घटनाक्रम महायुति गठबंधन के भीतर बढ़ते मतभेदों और आगामी नगर निकाय चुनावों के पहले तनाव का संकेत है। दोनों दलों के बीच जारी आरोप-प्रत्यारोप न केवल गठबंधन की एकता पर प्रश्न चिह्न लगाता है, बल्कि आगामी चुनावी रणनीतियों और स्थानीय राजनीति पर भी गहरा असर डाल सकता है।

Naresh Ameta (Mumbai)

Naresh Ameta (Mumbai)

नरेश अमेटा (मुंबई), प्रात:काल समाचार वेबसाइट के अनुभवी संवाददाता हैं। मुंबई से कार्यरत नरेश जी समाचार की सटीकता और निष्पक्षता के लिए जाने जाते हैं। वे प्रमुख राष्ट्रीय और स्थानीय खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं और अपने विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण से पाठकों को घटनाओं की गहरी समझ प्रदान करते हैं। नरेश जी की लेखनी में तथ्यपरक जानकारी के साथ-साथ घटनाओं की ताज़ा और भरोसेमंद प्रस्तुति देखने को मिलती है, जो प्रात:काल के पाठकों के लिए समाचार अनुभव को और समृद्ध बनाती है।

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