टीबी से डरें नहीं, समय पर इलाज से बीमारी पूरी तरह संभव: राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा की मुंबईकरों से अपील
महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने मुंबई में आयोजित टीबी जागरूकता कार्यक्रम में लोगों से समय पर इलाज कराने और भ्रांतियां दूर करने की अपील की। चेंबूर में हुई रैली में अभिनेता राकेश बेदी समेत कई गणमान्य लोगों ने 'टीबी मुक्त मुंबई' के लिए सामूहिक प्रयास का संकल्प लिया।

तस्वीर में महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा चेंबूर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मंच से संबोधित करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
मुंबई। देश की आर्थिक राजधानी और सपनों के शहर मुंबई को टीबी जैसी गंभीर बीमारी से मुक्त बनाने के लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी आवश्यक है। 'टीबी मुक्त मुंबई' और 'टीबी मुक्त भारत' का लक्ष्य तभी साकार होगा, जब समाज में टीबी को लेकर फैले भ्रम और भ्रांतियों को दूर कर मरीजों के प्रति भेदभाव समाप्त किया जाएगा। यह बात महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने चेंबूर में आयोजित एक विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही।
महाराष्ट्र लोकभवन, बृहन्मुंबई महानगरपालिका, मुंबई विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना तथा नारायण गुरु कॉलेज ऑफ कॉमर्स के संयुक्त तत्वावधान में चेंबूर में एक भव्य जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। इस दौरान राज्यपाल ने कहा कि टीबी केवल एक चिकित्सीय समस्या नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक चुनौती भी है। उन्होंने कहा कि इस बीमारी से घबराने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों के माध्यम से टीबी का पूरी तरह इलाज संभव है।
राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने बताया कि केंद्र सरकार, राज्य सरकार और बीएमसी के अस्पतालों में टीबी के मरीजों के लिए मुफ्त और प्रभावी उपचार की व्यवस्था उपलब्ध है। उन्होंने विशेष रूप से घनी आबादी वाले क्षेत्रों में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के स्वयंसेवकों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया, ताकि बीमारी की समय पर पहचान और उपचार सुनिश्चित किया जा सके।
कार्यक्रम में मौजूद मशहूर अभिनेता राकेश बेदी ने मुंबईकरों के जज्बे की सराहना करते हुए कहा कि इस शहर के लोगों ने हमेशा हर चुनौती का डटकर सामना किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि जिस तरह मुंबई ने पहले भी कई बड़ी चुनौतियों पर विजय प्राप्त की है, उसी तरह टीबी के खिलाफ इस लड़ाई में भी नागरिक बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाएंगे। उन्होंने कहा कि 'टीबी मुक्त मुंबई' को केवल सरकारी अभियान न मानकर जनभागीदारी से जुड़ा जनांदोलन बनाया जाना चाहिए।
इस अवसर पर अभिनेता शिव ठाकरे, मुंबई विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. रवींद्र कुलकर्णी, राज्यपाल के सचिव डॉ. प्रशांत नारनवरे, सह-सचिव एस. राममूर्ति तथा बीएमसी एम-ईस्ट वार्ड के सहायक आयुक्त उज्ज्वल इंगोले सहित बड़ी संख्या में छात्र और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि संयुक्त प्रयासों के माध्यम से मुंबई को जल्द से जल्द टीबी मुक्त बनाया जाएगा।

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