SIES महाविद्यालय ने अहमदनगर के बाढ़ प्रभावित विद्यार्थियों की मदद के लिए बढ़ाया हाथ
मुंबई के एस.आई.ई.एस. कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड इकोनॉमिक्स ने अहमदनगर के बाढ़ प्रभावित विद्यार्थियों के लिए मदद का हाथ बढ़ाया। कॉलेज ने आवश्यक सामग्री भेजकर विद्यार्थियों को राहत और नई उम्मीद दोनों दी।

मुंबई के एस.आई.ई.एस. कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड इकोनॉमिक्स (स्वायत्त) ने सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है। अहमदनगर जिले में आई बाढ़ से प्रभावित विद्यार्थियों की सहायता के लिए कॉलेज प्रशासन, शिक्षकों और छात्रों ने मिलकर राहत अभियान चलाया। बोधेगांव स्थित आबासाहेब काकडे आर्ट्स कॉलेज की सहायता अपील के बाद एस.आई.ई.एस. कॉलेज ने तुरंत कदम उठाते हुए ज़रूरी सामग्री भेजी, जिससे कई विद्यार्थियों को राहत मिली।
कॉलेज की प्राचार्या डॉ. शांती सुरेश के मार्गदर्शन में यह पूरा अभियान आयोजित किया गया। प्राध्यापक, कर्मचारी और विद्यार्थी – सभी ने मिलकर सहयोग की भावना से आवश्यक वस्तुएं एकत्र कीं। इसमें कॉपियां, पाठ्यपुस्तकें, स्कूल बैग, चादरें, सेनेटरी पैड, खाद्य सामग्री और व्यक्तिगत स्वच्छता से जुड़ी वस्तुएं शामिल थीं। कॉलेज की एक विशेष टीम ने इन वस्तुओं को खुद बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जाकर विद्यार्थियों तक पहुँचाया, जिससे सहायता न केवल वस्तुओं के रूप में बल्कि भावनात्मक जुड़ाव के रूप में भी महसूस हुई।
इस अभियान का नेतृत्व एस.आई.ई.एस. कॉलेज के अनिकेत स्वराज ने किया। उनके साथ छात्र स्वयंसेवक भी मौजूद थे, जिन्होंने वितरण कार्य में सक्रिय भागीदारी निभाई। राहत सामग्री पहुँचाने के बाद स्वराज ने विद्यार्थियों के लिए एक प्रेरणादायी सत्र भी आयोजित किया। उन्होंने कहा कि कठिन समय जीवन की परीक्षा होती है और इन्हीं परिस्थितियों में व्यक्ति का असली साहस सामने आता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे संकटों को अवसर में बदलें और शिक्षा के मार्ग पर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें। उनके इन शब्दों ने छात्रों के मन में नई आशा और उत्साह का संचार किया।
आबासाहेब काकडे आर्ट्स कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एम.के. फसले और डॉ. कैलास पोटे ने एस.आई.ई.एस. कॉलेज के सहयोग के लिए गहरी कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह सहायता सिर्फ भौतिक नहीं, बल्कि भावनात्मक सहारा भी है, जिसने विद्यार्थियों को एक नई उम्मीद दी है।
यह अभियान एस.आई.ई.एस. कॉलेज की उस सोच का परिचायक है, जिसमें शिक्षा केवल ज्ञान देने तक सीमित नहीं, बल्कि संवेदनशीलता, करुणा और नेतृत्व विकसित करने का माध्यम भी है। समाज की ज़रूरत के समय आगे बढ़कर मदद का हाथ बढ़ाना ही इस संस्थान की पहचान बन चुका है
और अहमदनगर के बाढ़ग्रस्त विद्यार्थियों के लिए की गई यह पहल उसी भावना का सशक्त प्रमाण है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
