ॐ श्रीमार्कंडेय आध्यात्मिक ट्रस्ट एवं चिकलवास गांव के संयुक्त तत्वाधान में पुरुषोत्तम मास अर्थात अधिक मास के शुभारंभ पर राजसमंद जिले के चिकलवास गांव में चल रही श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञानयज्ञ में व्यासपीठ से पंडित नीरज आमेटा ने आध्यात्मिक प्रसंगों का विस्तारपूर्वक वर्णन किया।

प्रवचन के दौरान पंडित नीरज आमेटा ने कहा कि इंद्र के अभिमान को तोड़ने के लिए भगवान ने गोवर्धन पर्वत उठाकर भक्तों की रक्षा की। उन्होंने भगवान के नामकरण संस्कार, पूतना आदि के संहार, कालिया नाग के दमन सहित कई प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा में जीवन के आध्यात्मिक स्वरूप पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि संसार एक सरोवर है, जिसमें सभी प्राणी कामवासनाओं में विचलित होकर माया में पड़कर अपने जीवन को नर्क बना देते हैं और इस संसार रूपी सागर में विचरण करते रहते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि कलिकाल में श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ कथा का रसास्वादन कर मानव मात्र अपने मुक्ति का मार्ग प्रशस्त कर सकता है। इस अवसर पर वृंदावन से पधारे रमाकांत एवं हरीशचंद्र ने अपने भजनों से भक्तों को भावविभोर कर दिया।

कथा के समापन के पश्चात महाआरती की गई तथा उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। पूरा आयोजन भक्ति, आध्यात्मिकता और सांस्कृतिक समरसता के वातावरण में संपन्न हुआ।

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