मुंबई। बॉलीवुड डायरेक्टर एवं प्रोड्यूसर रोहित शेट्टी के घर पर हुई फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। मुंबई पुलिस सूत्रों के मुताबिक, क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया है कि हथियार सप्लाई करने वाला आरोपी आसाराम फासले पिछले चार सालों से गैरेज मैकेनिक के रूप में काम करते हुए बिश्नोई गैंग के लिए सक्रिय था।

शुभम लोनकर से प्रभावित होकर गैंग में हुआ शामिल

बताया जा रहा है कि वह बाबा सिद्दीकी हत्याकांड और रोहित शेट्टी फायरिंग केस के कथित मास्टरमाइंड शुभम लोनकर से प्रभावित होकर गैंग में शामिल हुआ था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, फासले बीते दस सालों से वारजे इलाके के एक गैरेज में काम कर रहा था।

गैरेज से बिश्नोई गैंग का सफर

  • इस गैरेज में उसकी पहचान शुभम लोनकर से हुई।
  • इलाके में लोनकर के बढ़ते दबदबे को देखकर फासले ने बिश्नोई गैंग से जुड़ने का फैसला लिया और धीरे-धीरे उसका भरोसेमंद गुर्गा बन गया।
  • जांच में यह भी सामने आया कि फासले की पहचान पहले गिरफ्तार आरोपी स्वप्निल सकट से भी लोनकर के जरिए हुई थी।

हथियारों की सप्लाई और मास्टरमाइंड के निर्देश

क्राइम ब्रांच का दावा है कि "लोनकर के निर्देश पर ही फासले ने स्वप्निल सकट को हथियार सौंपे थे, जिनका इस्तेमाल बाद में अज्ञात शूटर ने फायरिंग में किया।" हालांकि, हथियार की खरीद कहां से की गई और इसके बदले कितनी रकम दी गई? इस पर अब तक स्थिति साफ नहीं हो पाई है।

आरोपियों का मकसद और पुलिस की तलाश

सूत्रों के अनुसार, इस मामले में गिरफ्तार सभी आरोपी इलाके में अपना प्रभाव बढ़ाने के इरादे से बिश्नोई गैंग से जुड़े थे। पुलिस अभी तक शूटर तक नहीं पहुंच पाई है। हालांकि, कई टीमें उसकी तलाश में जुटी हुई हैं। जल्द सफलता की उम्मीद जताई जा रही है।

Pratahkal Bureau

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