मालीगांव, मिजोरम: पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) ने मिजोरम के सायरंग रेलवे स्टेशन पर एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। पहली बार सीधे ऑटोमोबाइल रेक को सफलतापूर्वक हैंडल करते हुए, गुवाहाटी के पास चांगसारी से लाई गई 119 मारुति कारें राज्य तक रेलमार्ग से पहुंचाई गईं। इस उपलब्धि ने मिजोरम में लॉजिस्टिक्स और परिवहन कनेक्टिविटी को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

51.38 किलोमीटर लंबी बइरबी-सायरंग नई रेल लाइन की इस सफलता से इस क्षेत्र की रणनीतिक महत्ता और इंजीनियरी चुनौती उजागर हुई। इस लाइन में 45 सुरंगें हैं, जो दुर्गम इलाकों से होकर गुजरती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 सितंबर को इस रेल लाइन का उद्घाटन किया, जिससे मिजोरम अब राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से पूरी तरह जुड़ गया है।

एनएफआर ने बइरबी-सायरंग सेक्शन पर फ्रेट और पार्सल संचालन को भी तेज किया है। इस मार्ग से अब सीमेंट, निर्माण सामग्री, ऑटोमोबाइल, रेत और स्टोन चिप्स जैसी आवश्यक सामग्रियों का नियमित परिवहन संभव हो गया है। सितंबर से दिसंबर के बीच 17 रेक के सफल संचालन ने मिजोरम को एक भरोसेमंद लॉजिस्टिक्स और मोबिलिटी हब के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

इस पहल से न केवल राज्य की आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी, बल्कि मिजोरम के दुर्गम इलाकों में विकास और आवागमन की सुविधा भी बढ़ेगी। यह कदम पूर्वोत्तर क्षेत्र की कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है।

Pratahkal Bureau

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