पुणे के मोशी कचरा प्रबंधन केंद्र में भारी बारिश के बाद कचरे का पहाड़ ढहने से दो मंजिला इमारत दब गई। एक की मौत हुई, जबकि छह लोगों की तलाश में 22 घंटे से रेस्क्यू जारी है।

महाराष्ट्र के पुणे से सटे मोशी इलाके में गुरुवार को एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां मोशी स्थित ठोस कचरा प्रबंधन केंद्र में भारी बारिश के कारण कचरे का विशाल पहाड़ अचानक ढह गया। कचरे का यह भारी ढेर वहां स्थित दो मंजिला प्रशासनिक इमारत पर आ गिरा, जिससे पूरी इमारत पल भर में जमींदोज हो गई। इस हादसे में प्रशासन ने अब तक एक व्यक्ति की मौत की आधिकारिक पुष्टि की है, जबकि छह लोग अभी भी मलबे और कचरे के ढेर के नीचे दबे हुए हैं। घटना के बाद पिछले 22 घंटे से लगातार राहत एवं बचाव अभियान जारी है।

एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन युद्ध स्तर पर बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार अब तक 17 लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकालकर नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। वहीं, बचाव दल शेष छह लोगों तक सुरक्षित पहुंचने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार मोशी कचरा डिपो में पिछले कई वर्षों से पूरे शहर का ठोस कचरा जमा किया जा रहा है, जिसके कारण परिसर में कचरे के ऊंचे-ऊंचे पहाड़ बन चुके हैं। इसी परिसर में 'एंथनी लॉरा' कंपनी द्वारा कचरे से बिजली बनाने का एक बड़ा प्रोजेक्ट संचालित किया जा रहा है। परियोजना की निगरानी के लिए कचरे के ढेर के ठीक बगल में पार्किंग सुविधा के साथ एक दो मंजिला प्रशासनिक इमारत बनाई गई थी।

पिछले तीन-चार दिनों से पुणे और आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण कचरे का विशाल ढेर अत्यधिक गीला और भारी हो गया था। वजन अधिक होने के कारण यह पूरा कचरा अचानक प्रशासनिक इमारत पर आ गिरा और पूरी इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई।

राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल के अधिकारियों ने बताया कि मलबे में फंसे लोगों की जान बचाना उनकी पहली प्राथमिकता है, इसलिए बचाव अभियान अत्यंत सावधानी के साथ चलाया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार यदि मौके पर भारी पोकलेन या अन्य बड़ी जेसीबी मशीनों का उपयोग किया गया तो इमारत का बचा हुआ हिस्सा और अधिक ढह सकता है, जिससे अंदर फंसे लोगों को गंभीर चोट पहुंचने का खतरा है।

इसी जोखिम को देखते हुए बचाव दल ने कंक्रीट ब्रेकर की सहायता से दीवार के एक हिस्से में बड़ा सुराख बनाया और उसी रास्ते से भीतर प्रवेश कर राहत कार्य शुरू किया। मलबे के साथ टनों कचरा जमा होने के कारण चारों ओर फैली दुर्गंध और गंदगी के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण और जोखिमभरा बना हुआ है। इसके बावजूद दमकल विभाग और एनडीआरएफ के जवान अपनी जान की परवाह किए बिना शेष छह लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए लगातार अभियान चला रहे हैं।

Pratahkal Bureau

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