मुंबई। पर्युषण पर्व के अंतर्गत आयोजित आध्यात्मिक कार्यक्रम में धर्मसभा का वातावरण ज्ञान, साधना और आत्मचिंतन से ओतप्रोत रहा। इस अवसर पर आचार्य महाश्रमण के सुशिष्य मुनि कुलदीप कुमार ने भगवान महावीर के साधना काल का विवेचन करते हुए कर्मवाद को विशेष रूप से रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि भगवान महावीर की साधना केवल बाहरी तपस्या तक सीमित नहीं थी, बल्कि कर्मों के स्वरूप, उनके बंध, उदय और निर्जरा को समझते हुए आत्मा को कर्मबंधन से मुक्त करने की महान साधना थी।

मुनि कुलदीप कुमार ने भगवान महावीर के जीवन प्रसंगों के माध्यम से समझाया कि मनुष्य के जीवन में आने वाली परिस्थितियों के पीछे कर्म सिद्धांत की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कर्म के प्रति जागरूकता, संयम और पुरुषार्थ को आत्मकल्याण का आधार बताते हुए कहा कि कर्मों को दोष देने के बजाय उनके क्षय और निर्जरा की दिशा में पुरुषार्थ करना ही साधक का वास्तविक लक्ष्य होना चाहिए।



अणुव्रत दिवस के अवसर पर मुनि मुकुल कुमार ने प्रवचन देते हुए अणुव्रत आंदोलन की जीवनोपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने अणुव्रतों को केवल धार्मिक नियम नहीं, बल्कि व्यक्ति के चरित्र-निर्माण, व्यवहार-शुद्धि और सामाजिक जीवन में नैतिकता स्थापित करने का प्रभावी माध्यम बताया। उन्होंने अणुव्रतों के विभिन्न आयामों की व्याख्या करते हुए कहा कि छोटे-छोटे संकल्प व्यक्ति के जीवन में बड़े परिवर्तन ला सकते हैं।

मुनि मुकुल कुमार ने बताया कि अणुव्रत मनुष्य को सीमाओं में रहकर स्वतंत्रता का अनुभव कराते हैं तथा जीवन में संयम, सत्यनिष्ठा, अहिंसा और नैतिक अनुशासन को मजबूत करते हैं। आधुनिक जीवन की चुनौतियों के संदर्भ में उन्होंने अणुव्रतों की प्रासंगिकता भी स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि आज जब जीवन में भौतिकता और प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है, तब अणुव्रत व्यक्ति को भीतर से मजबूत बनाने और समाज को नैतिक दिशा देने का सशक्त माध्यम बन सकते हैं।

दोनों मुनियों के प्रेरक एवं ज्ञानवर्धक प्रवचनों ने उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं को आत्मचिंतन, संयम और सदाचार की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम का मंगलाचरण मुलुंड की महिला मंडल ने किया।

इस अवसर पर अणुव्रत समिति अध्यक्ष रमेश सोनी, कार्याध्यक्ष रोशन मेहता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनोहर कच्छारा, सभा अध्यक्ष नरेश बाफना, मंत्री राजेश बाफना, कोषाध्यक्ष नवरत्न गोखरू, पवन ओस्तवाल, रतन कच्छारा, कमलेश दूगड़, सुशील हिरण, भंवरदास जैन, प्रवीण डांगी, सुभाष हिंगड़, विकास धाकड़, विमला हिरण, कल्पना जैन, ललित सोनी, सुखिया मांडोत, प्रिया मुथा, महिला मंडल अध्यक्ष संगीता चंडालिया, भारती कच्छारा, रेखा बाफना आदि अणुव्रत के कार्यकर्ताओं की उपस्थिति रही। कार्यक्रम में दिए गए प्रवचनों के माध्यम से संयम, आत्मचिंतन और नैतिक अनुशासन को जीवन में अपनाने का संदेश प्रमुखता से सामने आया।

Pratahkal Newsroom

Pratahkal Newsroom

प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story