पालघर के वाढवण में बनेगा नया रासायनिक हब, फडणवीस का ऐलान
गोरेगांव में आयोजित इंडिया केम 2026 में मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि नई नीति से राज्य में निवेश बढ़ने और रोजगार के अवसर दोगुने होने की उम्मीद है।

तस्वीर में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पालघर के वाढवण बंदरगाह के पास रासायनिक औद्योगिक केंद्र की योजना की घोषणा कर रहे हैं।
मुंबई। महाराष्ट्र सरकार पालघर जिले में वाढवण बंदरगाह के पास बड़ा रासायनिक औद्योगिक केंद्र विकसित करने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घोषणा की है कि राज्य में रासायनिक उद्योगों के विकास को गति देने के लिए नई नीति तैयार की जा रही है, जिसे नवंबर के पहले सप्ताह में घोषित किया जाएगा। इस पहल से महाराष्ट्र में निवेश बढ़ने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गोरेगांव स्थित नेस्को प्रदर्शनी केंद्र में आयोजित अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम इंडिया केम 2026 के दौरान यह जानकारी दी। कार्यक्रम में केंद्रीय रसायन मंत्री जगत प्रकाश नड्डा सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्री, अधिकारी, उद्योगपति और विदेशी निवेशक शामिल हुए। वाढवण बंदरगाह के पास औद्योगिक केंद्र विकसित करने की योजना को राज्य में रासायनिक उद्योगों के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में कहा कि भारत के पास दुनिया के प्रमुख रासायनिक उत्पादन केंद्रों में शामिल होने का अच्छा अवसर है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए आधुनिक तकनीक, शोध और बेहतर गुणवत्ता वाले उत्पादों पर ध्यान देना जरूरी है। रासायनिक उत्पादों की मांग खेती, दवा, कपड़ा और वाहन निर्माण जैसे कई क्षेत्रों में बनी हुई है। ऐसे में रासायनिक उद्योगों का विकास देश की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के अनुसार, महाराष्ट्र में करीब 3,600 रासायनिक उद्योग संचालित हो रहे हैं, जिनसे लगभग तीन लाख लोगों को रोजगार मिला है। उन्होंने बताया कि उद्योगों का विस्तार होने पर रोजगार के अवसर दोगुने करने की क्षमता है। वाढवण बंदरगाह के पास आवश्यक सुविधाएं विकसित होने से पालघर क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है। नई नीति के जरिए राज्य में रासायनिक उद्योगों के विकास और निवेश को प्रोत्साहित करने की तैयारी की जा रही है।
केंद्रीय रसायन मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने बताया कि भारत का रासायनिक उद्योग फिलहाल करीब 220 अरब डॉलर का है। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2040 तक इस उद्योग को एक लाख करोड़ डॉलर तक पहुंचाना है। इसके लिए शोध, नई तकनीक और निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा। सरकार ने रासायनिक उद्योगों के विकास के साथ उनकी सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और प्लास्टिक के दोबारा इस्तेमाल पर भी जोर दिया है।
महाराष्ट्र सरकार की प्रस्तावित नीति और वाढवण बंदरगाह के पास औद्योगिक केंद्र विकसित करने की योजना से राज्य के रासायनिक उद्योगों को विस्तार देने, निवेश आकर्षित करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में नए रास्ते खुलने की उम्मीद है।

Pratahkal Bureau
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