मुंबई के ओशिवारा की गलियों में अब व्यापक बदलाव की आहट सुनाई देने लगी है। वार्ड संख्या 61 की कमान संभालते ही पार्षद दिव्या अविनीश सिंह ने उन 'डेड लॉक' हो चुके प्रोजेक्ट्स की फाइलों को खोलना शुरू कर दिया है, जो सालों से धूल फांक रही थीं। दिव्या सिंह ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह केवल नाम की जनप्रतिनिधि नहीं, बल्कि जनता की वह 'आवाज' हैं जो सीधे बीएमसी के मुख्यालय तक गूंजेगी। "शिक्षा और स्वास्थ्य हमारा हक है, कोई एहसान नहीं," इस कड़े रुख के साथ उन्होंने क्षेत्र के जर्जर हेल्थ सेंटरों और स्कूलों के कायाकल्प का बीड़ा उठाया है। उनका विजन पूरी तरह साफ है कि बीएमसी स्कूलों को इतना शानदार बनाया जाए कि निजी स्कूलों की चमक भी उनके सामने फीकी पड़ जाए।

आगामी मानसून के मद्देनजर उनकी रणनीति किसी 'वॉर-रूम' प्लान से कम नहीं है। ओशिवारा और अंधेरी के 'लो-लाइंग' यानी निचले इलाकों को जलमग्न होने से बचाने के लिए उन्होंने उन सीवरेज टनल प्रोजेक्ट्स पर विशेष जोर दिया है जो लंबे समय से पाइपलाइन में अटके हुए थे। उन्होंने संबंधित विभागों को सीधे तौर पर चेतावनी दी है कि 'हैंडओवर' और 'जिम्मेदारी' के प्रशासनिक खेल में अब जनता का नुकसान कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पार्किंग की समस्या, जो ओशिवारा के लिए एक बड़ा सिरदर्द बन चुकी है, उसे सुलझाने के लिए वे 'स्मार्ट पार्किंग' और नए रिजर्वेशन प्लॉट्स की तलाश में जुटी हैं, ताकि सड़कों पर गाड़ियों का बोझ कम हो सके और एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं को सुगम रास्ता मिल सके।

इतना ही नहीं, दिव्या सिंह ने आस्था को पर्यावरण के साथ जोड़कर एक नई मिसाल पेश की है। उनका मानना है कि देवता सम्मान के पात्र हैं और विसर्जन के बाद उनकी मूर्तियों की दुर्दशा दिल दुखाती है। इसी सोच के साथ वे नवरात्रि और गणेशोत्सव के लिए 'डस्ट-टू-डस्ट' मॉडल को निरंतर बढ़ावा दे रही हैं। एक सक्रिय काउंसलर के तौर पर उनका यह जज्बा ओशिवारा के निवासियों के लिए उम्मीद की एक नई किरण लेकर आया है। अब ओशिवारा की पहचान समस्याओं के जाल से नहीं, बल्कि समाधान और सकारात्मकता के नए प्रतिमानों से होगी।

Pratahkal Hub

Pratahkal Hub

प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"

Next Story