मालीगांव। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) के महाप्रबंधक चेतन कुमार श्रीवास्तव ने दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे (डीएचआर) का व्यापक निरीक्षण और समीक्षा किया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल की परिचालन दक्षता, संरचना संरक्षण और यात्रियों के अनुभव को और बेहतर बनाना था।

महाप्रबंधक श्रीवास्तव ने निरीक्षण के दौरान प्रमुख सेक्शनों की विस्तृत समीक्षा की और फील्ड अधिकारियों के साथ गहन संवाद किया। उन्होंने तिनधरीया–रंगटंग सेक्शन का दौरा कर इस चुनौतीपूर्ण मार्ग पर परिसंपत्तियों की स्थिति, चल रहे कार्यों की प्रगति और सुरक्षा प्रोटोकॉल के पालन का मूल्यांकन किया।

इस अवसर पर उन्होंने नव निर्मित डीज़ल इंजन संख्या 606 का उद्घाटन किया और उच्च गुणवत्ता निर्माण, मजबूत सुरक्षा मानकों और बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करने के लिए टीम की सराहना की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने व्यापक रूप से अपग्रेड किए गए घूम म्यूज़ियम का उद्घाटन कर इसे आगंतुक अनुभव को बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

विशेष रूप से, महाप्रबंधक ने वाष्प इंजन 806बी “क्वीन ऑफ़ द हिल्स” के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में हरी झंडी दिखाकर इसके गौरवपूर्ण इतिहास का सम्मान किया। घुम–सोनादा सेक्शन के निरीक्षण के दौरान ट्रैक की स्थिति, परिचालन प्रक्रियाओं और सुरक्षा प्रणालियों की समीक्षा की गई, तथा यूनोस्को विश्व धरोहर की प्रामाणिकता को बनाए रखते हुए उच्च स्तरीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयासों की प्रशंसा की गई।

एनएफआर महाप्रबंधक का यह दौरा दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे के दीर्घकालीन संरक्षण, आधुनिकीकरण और यात्री अनुभव में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसके माध्यम से न केवल विरासत की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि यात्रियों को विश्व स्तरीय अनुभव प्रदान करने की दिशा में भी मजबूती आएगी।

Pratahkal Bureau

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