मालीगांव। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) ने कामाख्या जंक्शन पर अपने इंफ्रास्ट्रक्चर में महत्वपूर्ण अपग्रेड करते हुए दोनों पिट लाइनों का बिजलीकरण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इस बड़े अपग्रेड से स्टेशन की परिचालन क्षमताओं में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और यह वंदे भारत एक्सप्रेस एवं अमृत भारत ट्रेनों की आने वाली सेवाओं के कुशल संचालन और मेंटेनेंस के लिए तैयारियों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ है।

संबंधित अधिकारियों के अनुसार, इन पिट लाइनों का इलेक्ट्रिफिकेशन न केवल अनुरक्षण की कार्यकुशलता बढ़ाता है, बल्कि आधुनिक ट्रेन सेटों के तकनीकी मानकों को पूरा करने में भी मदद करता है। विशेष रूप से वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेन सेटों की पेंटोग्राफ (पैंटो) और रूफ माउंटेड पैकेज यूनिट (आरएमपीयू) मेंटेनेंस आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए स्टेशन पर आठ नए पेडस्टल स्थापित किए गए हैं।

इस अपग्रेड के साथ ही एनएफआर ने अपने कर्मचारियों का व्यापक प्रशिक्षण भी संपन्न किया है। प्रशिक्षण में इलेक्ट्रिफाइड पिट लाइन सेफ्टी, पैंटो/आरएमपीयू सर्विसिंग प्रोसीजर और मॉडर्न मेंटेनेंस प्रोटोकॉल पर विशेष ध्यान दिया गया। इसके जरिए अनुरक्षण दल आधुनिक ट्रेनों की तकनीकी आवश्यकताओं और सुरक्षा मानकों के साथ परिचालन करने में सक्षम हो गया है।

रेलवे अधिकारियों का मानना है कि यह अपग्रेड कामाख्या जंक्शन को पूर्वोत्तर क्षेत्र में ट्रेन संचालन और अनुरक्षण के लिहाज से एक अत्याधुनिक केंद्र के रूप में स्थापित करता है। आने वाले समय में वंदे भारत और अमृत भारत जैसी तेज गति वाली ट्रेनों की नियमित सेवाओं को स्टेशन पर बेहतर तकनीकी तैयारी और सुरक्षा के साथ हैंडल किया जा सकेगा।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना से न केवल स्टेशन की कार्यकुशलता बढ़ी है, बल्कि यात्रियों को भी आधुनिक और सुरक्षित ट्रेन सेवाओं का लाभ मिलने की संभावना और मजबूत हुई है।

Updated On
Naresh Ameta (Mumbai)

Naresh Ameta (Mumbai)

नरेश अमेटा (मुंबई), प्रात:काल समाचार वेबसाइट के अनुभवी संवाददाता हैं। मुंबई से कार्यरत नरेश जी समाचार की सटीकता और निष्पक्षता के लिए जाने जाते हैं। वे प्रमुख राष्ट्रीय और स्थानीय खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं और अपने विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण से पाठकों को घटनाओं की गहरी समझ प्रदान करते हैं। नरेश जी की लेखनी में तथ्यपरक जानकारी के साथ-साथ घटनाओं की ताज़ा और भरोसेमंद प्रस्तुति देखने को मिलती है, जो प्रात:काल के पाठकों के लिए समाचार अनुभव को और समृद्ध बनाती है।

Next Story