नेपियन सी रोड कोस्टल रोड जंक्शन पर ट्रैफिक अध्ययन, बीएमसी के 10 करोड़ खर्च पर उठे सवाल
नेपियन सी रोड कोस्टल रोड जंक्शन पर ट्रैफिक अध्ययन के लिए बीएमसी ने 10 करोड़ खर्च तय किया, बिना टेंडर नियुक्ति पर विवाद बढ़ा।

मुंबई तटीय सड़क परियोजना के ‘डी’ वार्ड स्थित नेपियन सी रोड प्रवेश और निकास मार्ग पर बढ़ते ट्रैफिक दबाव से निपटने के लिए मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने ट्रैफिक अध्ययन कराने का फैसला किया है। इसके लिए पालिका ने एक निजी परामर्शदाता एजेंसी को नियुक्त किया है, लेकिन इस नियुक्ति को लेकर अब विवाद खड़ा हो गया है, क्योंकि करीब 10 करोड़ रुपये के इस काम के लिए सार्वजनिक टेंडर प्रक्रिया नहीं अपनाई गई।
बीएमसी ने नेपियन सी रोड जंक्शन पर वाहनों की आवाजाही का वैज्ञानिक और आधुनिक तरीके से विश्लेषण कराने के लिए मैसर्स फिलिप इंफ्रा कंसल्टेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को नियुक्त किया है। हालांकि, इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए टेंडर जारी नहीं किए जाने के कारण प्रशासनिक स्तर पर सवाल उठ रहे हैं। अब पालिका प्रशासन ने बिना टेंडर की गई इस नियुक्ति को लेकर स्थायी समिति से कार्योत्तर मंजूरी मांगी है।
पालिका प्रशासन के अनुसार, कोस्टल रोड से नेपियन सी रोड पर जुड़ने वाले हिस्सों में ट्रैफिक की स्थिति का विस्तृत अध्ययन करना जरूरी था। बीएमसी के पास इस प्रकार के अध्ययन के लिए पहले से कोई अधिकृत एजेंसियों की सूची उपलब्ध नहीं थी और न ही यह कार्य पालिका की मानक दर सूची में शामिल था। इसी कारण खुले बाजार से योग्य कंपनियों से दरें आमंत्रित की गईं।
इस प्रक्रिया में मैसर्स फिलिप इंफ्रा कंसल्टेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड ने 9 करोड़ 90 लाख रुपये की सबसे कम बोली पेश की। काम की गंभीरता और तत्काल आवश्यकता को देखते हुए मनपा आयुक्त ने सीधे इस कंपनी को कार्य सौंपने की मंजूरी दे दी। खास बात यह है कि परामर्शदाता कंपनी ने ट्रैफिक अध्ययन का काम पूरा भी कर लिया है और अब केवल प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी करने के लिए प्रस्ताव स्थायी समिति के सामने रखा गया है।
इस पूरे कार्य का खर्च वर्ष 2026-27 के बजट में ट्रैफिक विभाग के फंड से किया जाएगा। मुंबई महानगरपालिका अधिनियम 1888 के नियमों के अनुसार 3 लाख रुपये से अधिक के किसी भी कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया अनिवार्य होती है। हालांकि, आपात स्थिति का हवाला देते हुए बीएमसी ने इस नियम में छूट दी है।
अब स्थायी समिति में बिना टेंडर 10 करोड़ रुपये के इस खर्च को लेकर क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर नजर रहेगी। क्योंकि सार्वजनिक धन से जुड़े इस मामले में पारदर्शिता और प्रक्रिया को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

Pratahkal Hub
प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"
