नालंदा सभागार में खमतखामणा समारोह: साध्वी निर्वाणश्री ने दिया मैत्री संदेश
जैन समाज ने संवत्सरी महापर्व पर पारस्परिक क्षमायाचना कर मैत्री का संकल्प लिया; कई श्रद्धालुओं ने तप और पौषध व्रत का पालन किया।

तस्वीर में सफेद वस्त्र धारण किए साध्वियां नालंदा सभागार मंच पर बैठी हैं।
विशाल नालंदा सभागार में मैत्रीपर्व के अवसर पर खमतखामणा का मनमोहक दृश्य देखने को मिला। युगप्रधान आचार्य महाश्रमण की विदुषी सुशिष्या साध्वी निर्वाणश्री के पावन सान्निध्य में क्षमापना समारोह अतीव उल्लास के साथ संपन्न हुआ। समारोह में उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए विदुषी साध्वी निर्वाणश्री ने कहा, “आज का दिन मन की गांठें खोलने का दिन है। वर्षभर में जिनके साथ मनोमालिन्य हुआ है, उनसे हृदय से खमतखामणा कर निर्मल बन जाए, यह सर्वोत्तम है।” साध्वी ने ऐतिहासिक घटनाओं के माध्यम से क्षमा की महत्ता को उजागर किया।
मंच संचालन करते हुए प्रबुद्ध साध्वी डॉ. योगक्षेम प्रभा ने कहा कि भगवान महावीर क्षमाशीलता के उच्च आदर्श थे। उनके अंतःकरण में करुणा की अजस्र धारा प्रवहमान थी। उन्होंने मैत्री का संदेश देते हुए कहा कि प्राणीमात्र के प्रति अमैत्री का भाव न रखें। सभी जीवों से मित्रता का विस्तार ही इस क्षमापना का सार है।
कार्यक्रम के शुभारंभ में साध्वी लावण्यप्रभा, साध्वी कुंदनयशा, साध्वी मुदितप्रभा एवं साध्वी मधुरप्रभा ने ‘मैत्री धर्म हमारा’ गीत की सुमधुर प्रस्तुति दी।
अभिव्यक्ति के क्रम में भारत जैन महामंडल से तातेड़, जैन विश्व भारती से महामंत्री सज्जन लोढ़ा, महासभा से रमेश सुतरिया, मुंबई सभा से महेन्द्र तातेड़, संदीप कोठारी, हिमांशु गन्ना, लक्ष्मण कोठारी, रमेश धोका, दिलीप मेहता, ममता कच्छारा, शांतिलाल कोठारी आदि ने अपनी-अपनी संस्थाओं का प्रतिनिधित्व करते हुए विशाल श्रावक समाज से क्षमायाचना की।
खमतखामणा केवल एक रस्म नहीं, बल्कि अंतःकरण से उपजी पवित्र भावना है। इसका साकार रूप नालंदा में दृष्टिगोचर हुआ। साध्वीश्री के साथ उपस्थित श्रावक समाज ने सर्वप्रथम जैविभा में प्रवासित पूज्यप्रवर एवं युवाचार्यवर समेत समस्त चारित्र आत्माओं से क्षमायाचना की। इसके बाद श्रावक समाज ने साध्वी निर्वाणश्री एवं सभी साध्वियों से सविधि क्षमायाचना की। तदनंतर जनता ने परस्पर खमतखामणा किया।
संवत्सरी महापर्व के उपलक्ष्य में करीब 30 बच्चों ने संवत्सरी उपवास एवं पौषधव्रत किया। करीब 500 से अधिक पौषध तथा 50 से अधिक भाई-बहनों ने सतरह से लेकर अठाई तक तप कर आराधना की। इस प्रकार नालंदा सभागार में क्षमापना और मैत्री की भावना के साथ खमतखामणा का आयोजन संपन्न हुआ।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
