मुंबई। महाराष्ट्र की आर्थिक राजधानी मुंबई अब प्रदूषण की चपेट में है। शहर का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 267 दर्ज किया गया है, जो ‘अनहेल्दी’ श्रेणी में आता है। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में हालात और भी गंभीर हैं, जिसमें मजगांव का AQI 305, चाकला-अंधेरी ईस्ट 263, नेवी नगर-कोलाबा 271 और मालाड 223 शामिल हैं।

बीएमसी ने शहर में प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए GRAP-IV लागू करने की चेतावनी दी है और निर्माण गतिविधियों पर रोक लगाने के विकल्प पर भी विचार कर रही है। मुंबई के अलावा महाराष्ट्र के अन्य प्रमुख शहर जैसे नागपुर (AQI 199), ठाणे (188), नवी मुंबई (186), और मीरा-भायंदर (192) भी ‘अनहेल्दी’ श्रेणी में हैं। राज्यभर में हवा की गुणवत्ता लगातार गिर रही है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, प्रदूषण बढ़ने के पीछे कई कारण हैं। शहर में वाहन उत्सर्जन में वृद्धि, निर्माण कार्यों से उत्पन्न धूल, मौसम में बदलाव और हवा की गति का धीमा होना मुख्य कारण हैं। स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विशेषज्ञों ने बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा या हृदय रोगियों को घर के अंदर रहने और मास्क पहनने की सलाह दी है। एयर प्यूरीफायर का उपयोग और खिड़कियों को बंद रखना भी आवश्यक बताया गया है।

बीएमसी ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए कंस्ट्रक्शन साइट्स पर नए कड़े दिशानिर्देश जारी किए हैं। इन दिशानिर्देशों के तहत निर्माण परियोजनाओं में टिन के बैरिकेड और हरे कपड़े के कवर लगाने होंगे। तोड़फोड़ के दौरान नियमित रूप से पानी का छिड़काव करना होगा, मलबे का वैज्ञानिक तरीके से संग्रहण अनिवार्य होगा और सामग्री चढ़ाने एवं उतारने के समय फॉगिंग तकनीक का उपयोग करना होगा। इसके अलावा वायु-गुणवत्ता निगरानी और धूल निष्कर्षण प्रणालियों को भी लागू करना अनिवार्य किया गया है।

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई और अन्य शहरों में बढ़ता प्रदूषण स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता के लिए गंभीर चुनौती बन चुका है। बीएमसी की सख्त चेतावनी और दिशा-निर्देश इस चुनौती का सामना करने के लिए प्रशासन की सक्रियता को दर्शाते हैं।

Naresh Ameta (Mumbai)

Naresh Ameta (Mumbai)

नरेश अमेटा (मुंबई), प्रात:काल समाचार वेबसाइट के अनुभवी संवाददाता हैं। मुंबई से कार्यरत नरेश जी समाचार की सटीकता और निष्पक्षता के लिए जाने जाते हैं। वे प्रमुख राष्ट्रीय और स्थानीय खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं और अपने विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण से पाठकों को घटनाओं की गहरी समझ प्रदान करते हैं। नरेश जी की लेखनी में तथ्यपरक जानकारी के साथ-साथ घटनाओं की ताज़ा और भरोसेमंद प्रस्तुति देखने को मिलती है, जो प्रात:काल के पाठकों के लिए समाचार अनुभव को और समृद्ध बनाती है।

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