मुंबई की जल सुरक्षा को मिलेगी नई मजबूती, कसेली-मुलुंड वाटर टनल प्रोजेक्ट समयबद्ध पूरा करने के निर्देश
मुंबई की भविष्य की जल जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बीएमसी ने कसेली-मुलुंड वाटर टनल परियोजना और भांडुप सीवेज ट्रीटेड वाटर टनल की प्रगति की समीक्षा की। अतिरिक्त आयुक्त अभिजीत बांगर ने तय समय सीमा, गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के साथ कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।

तस्वीर में बाईं ओर से अधिकारी बैठक में नोट्स लेते हुए दिखाई दे रहे हैं, जबकि सामने अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त अभिजीत बांगर परियोजना की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं।
मुंबई महानगर की लगातार बढ़ती आबादी और भविष्य की पेयजल जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने कसेली से मुलुंड जकात नाका के बीच बनने वाली बहुप्रतीक्षित वाटर टनल परियोजना की रफ्तार तेज कर दी है। परियोजना की समीक्षा के दौरान बीएमसी के अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त अभिजीत बांगर ने अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर उच्चतम गुणवत्ता के साथ कार्य पूरा करने के कड़े निर्देश दिए।
अभिजीत बांगर ने मुलुंड जकात नाका स्थित परियोजना स्थल का प्रत्यक्ष निरीक्षण कर कार्य की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा मानकों और गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता किए बिना परियोजना को निर्धारित समयसीमा के अनुरूप आगे बढ़ाया जाए।
मुंबई को भातसा जलस्रोत से मुंबई-II और मुंबई-III पाइपलाइनों के माध्यम से पेयजल की आपूर्ति की जाती है। पानी के रिसाव को रोकने और जलापूर्ति व्यवस्था को अधिक मजबूत एवं विश्वसनीय बनाने के उद्देश्य से बीएमसी 7.13 किलोमीटर लंबी और 4.5 मीटर व्यास की भूमिगत वाटर टनल का निर्माण कर रही है। सितंबर 2024 में शुरू हुई इस परियोजना के अक्टूबर 2030 तक पूर्ण होने की उम्मीद है।
परियोजना के तहत मुलुंड में 134 मीटर गहरा लॉन्चिंग शाफ्ट तथा कसेली में 128 मीटर गहरा रिकवरी शाफ्ट तैयार किया जा रहा है। टनल की खुदाई के लिए आवश्यक 5.3 मीटर व्यास वाली टनल बोरिंग मशीन के सभी हिस्से और 14 किलोमीटर लंबी कन्वेयर प्रणाली परियोजना स्थल पर पहुंच चुकी है। अधिकारियों का लक्ष्य है कि सितंबर 2026 तक टनल बोरिंग मशीन के माध्यम से बोगदा खोदने का कार्य शुरू कर दिया जाए।
इसी के साथ बीएमसी मुंबई में ट्रीटेड वाटर के पुनरुपयोग को बढ़ावा देने के लिए एक अन्य महत्वपूर्ण परियोजना पर भी काम कर रही है। अतिरिक्त आयुक्त अभिजीत बांगर ने भांडुप संकुल में निर्माणाधीन 11.61 किलोमीटर लंबी और 4.1 मीटर व्यास वाली सीवेज ट्रीटेड वाटर टनल परियोजना का भी निरीक्षण किया। यह टनल घाटकोपर और धारावी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट को भांडुप संकुल से जोड़ेगी।
इस परियोजना के तहत जनवरी 2027 से बोगदा खोदने का कार्य शुरू होने का अनुमान है। परियोजना पूरी होने के बाद उद्योगों और गैर-पेयजल उपयोग के लिए प्रसंस्कृत पानी की आपूर्ति संभव होगी। इससे पीने के शुद्ध पानी पर दबाव कम होगा और मुंबई की जलापूर्ति व्यवस्था अधिक टिकाऊ एवं सुदृढ़ बनेगी।
निरीक्षण के दौरान जल आपूर्ति परियोजना के मुख्य अभियंता चंद्रकांत चौधरी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। बीएमसी का जोर दोनों परियोजनाओं को तय समयसीमा के भीतर गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के अनुरूप पूरा करने पर है, ताकि भविष्य में मुंबई की जल आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।

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