मुंबई में वोटर लिस्ट के नाम पर डिजिटल ठगी का अलर्ट, आंधी-तूफान के बाद 3,841 जगहों से हटाए गए गिरे पेड़
मुंबई में वोटर लिस्ट सत्यापन के नाम पर साइबर ठगी का अलर्ट जारी हुआ है, वहीं मॉनसून के दौरान गिरे पेड़ों को हटाने के लिए बीएमसी का अभियान लगातार जारी है।

मुंबई और इसके उपनगरीय इलाकों में इन दिनों प्रशासन दो अलग-अलग मोर्चों पर एक साथ सक्रिय है। एक ओर आगामी चुनावों को लेकर मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 का कार्य जारी है, वहीं दूसरी ओर मॉनसून के दौरान तेज बारिश और आंधी-तूफान से गिरे पेड़ों तथा टूटी फांदियों को हटाने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की टीमें लगातार अभियान चला रही हैं। दोनों ही मामलों में प्रशासन ने नागरिकों की सुरक्षा और सतर्कता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
भारत चुनाव आयोग के निर्देश पर मुंबई में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 के तहत बूथ लेवल ऑफिसर्स 30 जून से 29 जुलाई 2026 तक घर-घर जाकर मतदाताओं के दस्तावेजों और आंकड़ों का सत्यापन कर रहे हैं। इसी प्रक्रिया का फायदा उठाकर साइबर ठग सक्रिय हो गए हैं। मुंबई के कई नागरिकों को वॉट्सऐप पर फर्जी संदेश भेजे जा रहे हैं, जिनमें दावा किया जा रहा है कि उनके वोटर आईडी दस्तावेजों की जांच चल रही है और सत्यापन के लिए दिए गए नंबर पर तत्काल संपर्क करना आवश्यक है।
इस गंभीर साइबर धोखाधड़ी को देखते हुए महाराष्ट्र के मुख्य चुनाव अधिकारी एस. चोक्कलिंगम ने नागरिकों को सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग अपनी किसी भी सेवा, संशोधन या सत्यापन प्रक्रिया के लिए नागरिकों से किसी प्रकार का शुल्क या धनराशि नहीं लेता और पूरी प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि ऐसे किसी भी संदिग्ध संदेश का जवाब न दें और किसी अनजान व्यक्ति के साथ अपने बैंक खाते की जानकारी, ओटीपी या अन्य व्यक्तिगत दस्तावेज साझा न करें। किसी भी प्रकार का संदेह होने पर नागरिक तत्काल आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर 1950 पर संपर्क करें या आधिकारिक वेबसाइट का उपयोग करें।
दूसरी ओर, मुंबई में पिछले दिनों हुई मूसलधार बारिश और तेज हवाओं के कारण शहर के विभिन्न इलाकों में बड़ी संख्या में पेड़ उखड़ने और भारी फांदियां टूटकर गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। इससे कई स्थानों पर यातायात प्रभावित हुआ और राहगीरों की सुरक्षा पर भी खतरा उत्पन्न हो गया। इस स्थिति से निपटने के लिए बीएमसी का उद्यान विभाग लगातार राहत और सफाई अभियान चला रहा है।
बीएमसी के अनुसार, 22 जून से 17 जुलाई 2026 के बीच मुंबई के सार्वजनिक और निजी परिसरों में कुल 902 पेड़ जड़ से उखड़ गए, जबकि 1,251 बड़ी फांदियां सड़कों पर गिर गईं। आपदा की इस स्थिति में उद्यान विभाग ने युद्धस्तर पर अभियान चलाते हुए अब तक कुल 3,841 स्थानों से गिरे हुए पेड़ों और फांदियों को हटाने का कार्य पूरा कर लिया है। प्रशासन ने नियोजित तरीके से कार्रवाई करते हुए प्रभावित मार्गों पर यातायात को भी सुचारु बनाया है। वर्तमान में शहर के अन्य 542 प्रभावित स्थानों पर कार्य तेजी से जारी है और बीएमसी का नियंत्रण कक्ष तथा आपातकालीन टीमें 24 घंटे अलर्ट मोड पर तैनात हैं।
बीएमसी प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि तेज हवाओं और भारी बारिश के दौरान किसी भी पेड़ के नीचे खड़े होने से बचें, क्योंकि यह जानलेवा साबित हो सकता है। यदि कहीं पेड़ गिरने या उसके टूटने का खतरा दिखाई दे तो इसकी सूचना तुरंत बीएमसी के मुख्य हेल्पलाइन नंबर 1916 पर दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई कर संभावित हादसे को टाला जा सके। वहीं, चुनाव आयोग ने भी स्पष्ट किया है कि मतदाता सत्यापन के नाम पर किसी भी तरह की वित्तीय जानकारी साझा करने से बचना ही डिजिटल ठगी से सुरक्षित रहने का सबसे प्रभावी उपाय है।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
