वोटर लिस्ट चेकिंग के नाम पर फ्रॉड का खतरा, फर्जी WhatsApp संदेशों से सावधान रहें
मुंबई में वोटर लिस्ट चेकिंग के नाम पर फर्जी WhatsApp संदेशों से ठगी का खतरा, चुनाव अधिकारी एस चोक्कलिंगम ने जारी की चेतावनी।

मुंबई और उपनगरीय इलाकों में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 अभियान के बीच डिजिटल ठगों ने नागरिकों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। चुनाव आयोग के नाम पर भेजे जा रहे फर्जी वॉट्सऐप संदेशों के जरिए लोगों से निजी जानकारी और पैसे ऐंठने की कोशिश की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र के मुख्य चुनाव अधिकारी एस चोक्कलिंगम ने मुंबईकरों के लिए सतर्कता बरतने की एडवाइजरी जारी की है।
चुनाव आयोग के निर्देश पर विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 का कार्य तेजी से चल रहा है। इस अभियान के तहत सरकारी अधिकारी घर-घर जाकर मतदाताओं के डेटा को अपडेट कर रहे हैं। इसी दौरान कई नागरिकों को वॉट्सऐप पर ऐसे भ्रामक और फर्जी संदेश प्राप्त हो रहे हैं, जिनमें चुनाव आयोग के नाम का इस्तेमाल किया जा रहा है।
इन संदेशों में दावा किया जा रहा है कि वोटर आईडी के लिए जमा किए गए दस्तावेजों की जांच की जा रही है और वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी करने के लिए मैसेज में दिए गए अज्ञात मोबाइल नंबर पर तुरंत संपर्क करना होगा। मुख्य चुनाव अधिकारी एस चोक्कलिंगम ने स्पष्ट किया है कि भारत चुनाव आयोग अपनी किसी भी सेवा या सुधार प्रक्रिया के लिए नागरिकों से कोई शुल्क या पैसा नहीं लेता है।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची सुधार और सत्यापन की पूरी प्रक्रिया निशुल्क है। इसलिए इस कार्य के नाम पर किसी भी प्रकार का वित्तीय लेनदेन या ऑनलाइन भुगतान करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि वे ऐसे किसी भी संदिग्ध संदेश पर प्रतिक्रिया न दें और ठगी से बचने के लिए सतर्क रहें।
चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार, विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान 30 जून से शुरू होकर 29 जुलाई 2026 तक चलेगा। इस दौरान बूथ लेवल ऑफिसर्स (बीएलओ) स्वयं नागरिकों के घरों पर जाकर मतदाता जानकारी का प्रामाणिक सत्यापन कर रहे हैं।
मुख्य चुनाव अधिकारी एस चोक्कलिंगम ने डिजिटल सुरक्षा को लेकर भी नागरिकों को आगाह किया है। उन्होंने कहा है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ बैंक खाते की जानकारी, ओटीपी, आधार या अन्य व्यक्तिगत दस्तावेज साझा नहीं करें। मतदाताओं को केवल चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव अधिकारी की आधिकारिक वेबसाइट, उनके सोशल मीडिया हैंडल या नियुक्त बीएलओ और मतदाता पंजीकरण अधिकारियों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करना चाहिए।
यदि किसी नागरिक को वोटर कार्ड या विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को लेकर कोई संदेह है, तो वह चुनाव आयोग के आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर 1950 पर संपर्क कर सकता है या अपने नजदीकी चुनाव पंजीकरण कार्यालय में जाकर जानकारी प्राप्त कर सकता है। डिजिटल ठगी के बढ़ते मामलों के बीच सतर्कता और आधिकारिक माध्यमों से जानकारी लेना ही सुरक्षित रहने का प्रमुख उपाय है।

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