मुंबई में 'फ्लोटिंग गोल्ड' की तस्करी का बड़ा खुलासा: करोड़ों की व्हेल मछली की उल्टी के साथ दो गिरफ्तार
मुंबई की तुलिंज पुलिस ने नालासोपारा में छापेमारी कर करोड़ों रुपये मूल्य की व्हेल मछली की उल्टी (एम्बरग्रिस) की तस्करी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने कादर गफार करग्राथ और किशोर महादेव तपसाळे को 1.8 किलो से अधिक 'फ्लोटिंग गोल्ड' के साथ गिरफ्तार किया। वन्यजीव तस्करी के खिलाफ पुलिस की इस बड़ी कामयाबी की पूरी रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।

मुंबई। समुद्र की गहराइयों में छिपे बेशकीमती खजाने 'एम्बरग्रिस', जिसे आम भाषा में व्हेल मछली की उल्टी या 'फ्लोटिंग गोल्ड' कहा जाता है, की तस्करी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह की साजिश को मुंबई की तुलिंज पुलिस ने नाकाम कर दिया है। नालासोपारा के प्रगतिनगर इलाके में पुलिस की एक विशेष टीम ने जाल बिछाकर दो शातिर तस्करों को दबोचा है, जिनके पास से अंतरराष्ट्रीय बाजार में करोड़ों रुपये मूल्य की व्हेल मछली की उल्टी बरामद की गई है। यह कार्रवाई तुलिंज पुलिस स्टेशन की डिटेक्शन ब्रांच ने एक गुप्त सूचना के आधार पर की, जिसने शहर में चल रहे वन्यजीव तस्करी के इस काले कारोबार की कमर तोड़ दी है।
घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई जब तुलिंज पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक विजय जाधव को एक विश्वसनीय मुखबिर से जानकारी मिली कि प्रगतिनगर क्षेत्र में कुछ संदिग्ध व्यक्ति प्रतिबंधित समुद्री पदार्थ की डील करने के इरादे से आने वाले हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए डिटेक्शन ब्रांच की टीम ने तत्काल प्रभाव से छापेमारी की। पुलिस ने मौके से दो व्यक्तियों को हिरासत में लिया, जिनकी तलाशी लेने पर उनके बैग से 1 किलो 858 ग्राम वजनी ठोस पदार्थ बरामद हुआ। जांच में पुष्टि हुई कि यह पदार्थ बेशकीमती व्हेल मछली की उल्टी है, जिसकी कीमत बाजार में सोने और हीरे से भी अधिक आंकी जाती है।
पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों की पहचान कादर गफार करग्राथ और किशोर महादेव तपसाळे के रूप में हुई है। पकड़े गए आरोपियों में 52 वर्षीय कादर गफार करग्राथ, जो स्टार अपार्टमेंट जवाहर का निवासी है, ने शुरुआत में पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सख्ती बरतने पर उसने जुर्म कबूल कर लिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने इस तस्करी के दूसरे मुख्य सूत्रधार 39 वर्षीय किशोर महादेव तपसाळे को गिरफ्तार किया, जो कासार वड़वली स्थित लाभ ग्लोरिया बिल्डिंग का निवासी है। इन दोनों तस्करों के पास से बरामद एम्बरग्रिस की खेप करोड़ों की बताई जा रही है।
कानूनी प्रक्रिया के तहत पुलिस ने दोनों आरोपियों को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब इस बात की तहकीकात कर रही है कि इन तस्करों के तार किन अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से जुड़े थे और यह खेप किस समुद्र तट से मुंबई तक लाई गई थी। व्हेल मछली की उल्टी का उपयोग महंगे इत्र और औषधियों में किया जाता है, जिसके कारण वैश्विक बाजार में इसकी मांग बेहद अधिक है। तुलिंज पुलिस की इस त्वरित और सटीक कार्रवाई ने न केवल करोड़ों की तस्करी रोकी है, बल्कि पर्यावरण और समुद्री जीवों के संरक्षण की दिशा में भी एक कड़ा संदेश दिया है।

Pratahkal Bureau
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