जब पुलिस की बेरुखी के बीच एक मां ने मोर्चा संभाला; मंत्री के हस्तक्षेप से खुला जाम
वर्ली में भाजपा रैली के दौरान ट्रैफिक जाम में फंसी टीना चौधरी ने मंत्री गिरीश महाजन से लगाई गुहार। मंत्री के हस्तक्षेप और पुलिस की चुप्पी पर टीना का बड़ा खुलासा।

मुंबई के वर्ली में 21 अप्रैल 2026 को ट्रैफिक जाम से परेशान टीना चौधरी
Teena Choudhry Worli viral video : मायानगरी मुंबई की भागदौड़ भरी जिंदगी में जब रैलियों का शोर और वीआईपी कल्चर आम आदमी की रफ्तार पर बेड़ियां डाल देता है, तब अक्सर लोग बेबसी में अपना रास्ता बदल लेते हैं। लेकिन वर्ली की सड़कों पर टीना चौधरी नाम की एक महिला ने इस 'चुप्पी' को तोड़कर न केवल प्रशासनिक सुस्ती को आईना दिखाया, बल्कि सत्ता के शीर्ष पर बैठे लोगों को अपनी जिम्मेदारी का अहसास भी कराया। यह कहानी महज एक ट्रैफिक जाम के खुलने की नहीं है, बल्कि एक सजग नागरिक के संघर्ष और एक मंत्री की त्वरित संवेदनशीलता का एक ऐसा दस्तावेज है जो सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बन गया है।
घटना 21 अप्रैल की शाम की है, जब वर्ली इलाके में भारतीय जनता पार्टी का एक बड़ा विरोध प्रदर्शन चल रहा था। अपनी बेटी को म्यूजिक क्लास से वापस लाने निकलीं टीना चौधरी महिंद्रा ताज के पास भीषण जाम में फंस गईं। सड़क पर प्रदर्शनकारियों को लाने वाली बसों ने इस कदर नाकेबंदी कर रखी थी कि यू-टर्न लेना भी नामुमकिन था। टीना के अनुसार, वे लगभग 25 मिनट तक अपनी कार में बैठी रहीं, लेकिन जब स्थिति जस की तस रही, तो वे खुद सड़क पर उतरीं। अगले डेढ़ घंटे तक उन्होंने वहां तैनात हर पुलिस अधिकारी से मिन्नत की कि केवल दो बसें हटा दी जाएं ताकि फंसे हुए लोग यू-टर्न लेकर निकल सकें, लेकिन वर्दीधारियों की ओर से उन्हें केवल खामोशी और उपेक्षा ही हाथ लगी।
सिस्टम की इस उदासीनता से हताश होकर टीना ने एक साहसी कदम उठाया और सीधे भाजपा के कद्दावर नेता और मंत्री गिरीश महाजन की ओर रुख किया। वायरल वीडियो में काली टोपी पहने दिख रही टीना ने पुलिस का ध्यान आकर्षित करने के लिए प्रतीकात्मक रूप से एक बोतल जमीन पर पटकी और मंत्री के सामने अपनी व्यथा रखी। जहां पुलिस प्रशासन मूकदर्शक बना रहा, वहीं मंत्री गिरीश महाजन ने न केवल उनकी बात सुनी बल्कि तत्काल प्रभाव से बसों को हटाने का निर्देश दिया। मंत्री के आदेश के चंद मिनटों के भीतर रास्ता खुल गया और घंटों से फंसे सैकड़ों वाहन चालक अपने गंतव्य की ओर बढ़ सके।
सैन्य परिवार से ताल्लुक रखने वाली टीना ने अब एक ताजा बयान जारी कर अपनी सुरक्षा के प्रति चिंता जताने वालों का शुक्रिया अदा किया है और पुलिस की निष्क्रियता पर तीखे सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि उनकी लड़ाई किसी राजनीतिक विचारधारा के खिलाफ नहीं, बल्कि उस अव्यवस्था के खिलाफ थी जो जनता का हक छीनती है। टीना ने इस बात पर जोर दिया कि सार्वजनिक सेवा में 'व्यक्तिगत जवाबदेही' सबसे महत्वपूर्ण है और उन्होंने अन्य नागरिकों को भी प्रेरित किया कि वे अपनी समस्याओं के खिलाफ अपनी आवाज उठाएं।
#WATCH | Teena Choudhry, the woman seen in the viral video wearing a black cap, confronting Maharashtra Minister Girish Mahajan over a traffic jam, releases a statement detailing her side of the story
— ANI (@ANI) May 2, 2026
She says, "I have received so many messages regarding my safety. I want to let… pic.twitter.com/tcRLP3Gxqf
यह घटना लोकतंत्र की उस शक्ति को रेखांकित करती है जहां एक अकेला नागरिक भी यदि सही मंच पर अपनी बात रखे, तो तंत्र को झुकना ही पड़ता है। गिरीश महाजन की त्वरित कार्रवाई ने जहां राजनीति के मानवीय चेहरे को पेश किया है, वहीं मुंबई पुलिस की चुप्पी ने सुरक्षा व्यवस्था के प्रोटोकॉल पर गंभीर सवाल छोड़ दिए हैं। वर्ली का यह प्रकरण अब एक नजीर बन गया है कि कैसे एक जागरूक आवाज सत्ता के बंद कान खोल सकती है और सड़कों पर न्याय दिला सकती है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
