Ahilyabai Holkar cultural event Mumbai : मुंबई की धड़कन कहे जाने वाले दादर इलाके में इतिहास एक बार फिर जीवंत होने जा रहा है, जहाँ संगीत, अभिनय और विहंगम दृश्य माध्यमों के जरिए भारत भूमि की एक ऐसी महान विभूति की गाथा को उलगड़ा जाएगा जिसने अपने समय में सियासत को सेवा का नया व्याकरण सिखाया था। महाराष्ट्र शासन के सांस्कृतिक कार्य विभाग के अंतर्गत सांस्कृतिक कार्य निदेशालय द्वारा पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होळकर के दूरदर्शी, न्यायप्रिय और प्रेरणादायी जीवन सफर पर आधारित एक विशेष सांस्कृतिक महा-अनुष्ठान का आयोजन किया जा रहा है। "पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होळकर" शीर्षक वाले इस भव्य कार्यक्रम के माध्यम से उनके अभूतपूर्व ऐतिहासिक अवदान को संगीत, नृत्य और नाट्य रूपांतरण के जरिए बेहद असरदार तरीके से दर्शकों के सामने परोसा जाएगा, जो यकीनन हर देशप्रेमी और कला-रसिक के रोंगटे खड़े कर देने वाला अनुभव साबित होगा।

इस महा-आयोजन की रूपरेखा को अंतिम रूप दे दिया गया है और आगामी रविवार, ७ जून २०२६ को सुबह ठीक ११:०० बजे दादर (पश्चिम) स्थित सुप्रसिद्ध सावरकर सभागार इस गौरवशाली क्षण का साक्षी बनेगा। कार्यक्रम की संपूर्ण संकल्पना और निर्देशन का जिम्मा देश की वरिष्ठ और ख्यातिप्राप्त नृत्यांगना रंजना फड़के ने संभाला है, जिन्होंने इतिहास के पन्नों में दर्ज अहिल्याबाई के शौर्य, त्याग और दूरदर्शिता को मंच पर हुबहू उतारने के लिए सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत के विभिन्न पहलुओं को बेहद बारीकी से पिरोया है। यह आयोजन महज एक सांस्कृतिक प्रस्तुति नहीं, बल्कि अहिल्याबाई होळकर के उस प्रशासनिक कौशल, अटूट धार्मिक सहिष्णुता, लोक-कल्याणकारी फैसलों और अद्वितीय स्त्री-शक्ति के नेतृत्व की जीवंत यात्रा है जिसने भारतीय समाज को एक नई दिशा दी थी।

इतिहास गवाह है कि अहिल्याबाई होळकर ने अपने कार्यकाल के दौरान समाज के आखिरी पायदान पर खड़े व्यक्ति के उत्थान के लिए काम किया। देश के कोने-कोने में भव्य मंदिरों का जीर्णोद्धार, विशाल घाटों, धर्मशालाओं और सार्वजनिक जन-उपयोगी निर्माण कार्यों की जो श्रृंखला उन्होंने खड़ी की, उसका लोहा आज भी पूरी दुनिया मानती है। उनके इन्हीं महान कार्यों ने भारतीय संस्कृति, परंपरा और जन-उन्मुख शासन प्रणाली का एक ऐसा कालजयी आदर्श स्थापित किया जो सदियों बाद भी प्रासंगिक है। सांस्कृतिक कार्य निदेशालय का मुख्य उद्देश्य इसी महान विरासत और उनके विराट व्यक्तित्व को आज की युवा पीढ़ी और समकालीन समाज तक पूरी प्रामाणिकता के साथ पहुँचाना है।

प्रशासनिक और शासकीय दृष्टिकोण से भी यह आयोजन अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस विशेष उपक्रम की पूरी रूपरेखा महाराष्ट्र सरकार के सांस्कृतिक कार्य, इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) मंत्री एडवोकेट आशीष शेलार की विशेष संकल्पना से तैयार हुई है। साथ ही, सांस्कृतिक कार्य विभाग के सचिव डॉ. किरण कुलकर्णी के कुशल मार्गदर्शन में इस कार्यक्रम को अमली जामा पहनाया जा रहा है, जिसकी सुचारू व्यवस्था के लिए सांस्कृतिक कार्य निदेशालय की पूरी टीम दिन-रात जुटी हुई है। सांस्कृतिक कार्य निदेशालय के निदेशक श्री श्रीराम पांडे ने मुंबई के तमाम इतिहास-प्रेमियों, साहित्यकारों, कला-रसिकों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों से इस ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महा-उत्सव में भारी संख्या में शामिल होने तथा इस समृद्ध विरासत का हिस्सा बनने की पुरज़ोर अपील की है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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