मुंबई और ठाणे में भारी बारिश के येलो अलर्ट के बीच उत्तर भारत भी मानसून की चपेट में है। दिल्ली से राजस्थान तक बिगड़े मौसम के हालात और जलजमाव की पूरी जानकारी के लिए पढ़ें यह रिपोर्ट। जानें अपने शहर का ताजा हाल और मौसम विभाग की चेतावनी।

तस्वीर में मुंबई के मरीन ड्राइव पर घने बादलों से ढका आसमान और तट के किनारे की सड़क दिख रही है।
मुंबई और पड़ोसी शहर ठाणे पर बारिश का संकट बरकरार है, जहां भारत मौसम विज्ञान विभाग ने भारी बारिश, आंधी-तूफान और तेज हवाओं के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। सुबह आठ बजे जारी आईएमडी के बुलेटिन के अनुसार, शहर में आसमान में बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश के दौर जारी रहने की संभावना है। अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश के साथ बिजली गिरने, गरजने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने मुंबई और ठाणे के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
समुद्री ज्वार की गतिविधियों की बात करें तो सुबह सात बजे 3.49 मीटर का हाई टाइड दर्ज किया गया और शाम 6.09 बजे 3.62 मीटर के हाई टाइड का अनुमान है। वहीं, दोपहर 12.29 बजे 2.32 मीटर और 10 जुलाई को तड़के 1.06 बजे 1.14 मीटर का लो टाइड आने की उम्मीद है। पिछले 24 घंटों में आठ जुलाई सुबह आठ बजे से नौ जुलाई सुबह आठ बजे के बीच पूर्वी उपनगरों में सर्वाधिक 39.37 मिलीमीटर, पश्चिमी उपनगरों में 28.85 मिलीमीटर और द्वीप शहर में 14.21 मिलीमीटर औसत बारिश दर्ज की गई है।
दूसरी ओर, दिल्ली में गुरुवार तड़के मानसून की बारिश से उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। आईएमडी ने राष्ट्रीय राजधानी के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए दिन भर भारी बारिश की संभावना जताई है। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और मुनिरका सहित कई इलाकों में जलजमाव होने से यातायात और दैनिक आवागमन प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, 10 जुलाई तक हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में व्यापक बारिश होने के आसार हैं, जबकि उत्तर-पूर्वी उत्तर प्रदेश में 13 जुलाई तक बारिश का दौर जारी रहेगा।
उत्तर भारत में बुधवार को मानसून सक्रिय रहा। मथुरा में रात भर हुई भारी बारिश से जलजमाव के कारण यातायात और पैदल चलना मुश्किल हो गया है। राजस्थान के डूंगरपुर में भारी बारिश, गरज और बिजली गिरने से निचली बस्तियों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। पुरानी बस्ती के घाटी, कनेरा पोल, मोची बाजार और भोईवाड़ा जैसे इलाकों में पानी तीन फीट से ऊपर पहुंच गया, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सक्रिय मानसून प्रणालियों के चलते मौसम विभाग ने लोगों को जलजमाव और आंधी-तूफान वाले क्षेत्रों में अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह दी है।

