मुंबई की तानसा झील लबालब, डैम के गेट खोले गए; जल भंडारण 61.90 फीसदी पहुंचा
मुंबई की तानसा झील लगातार मानसूनी बारिश के बाद ओवरफ्लो हो गई, जिसके बाद डैम के गेट खोले गए। शहर के सात जलाशयों में जल भंडारण 61.90 फीसदी पहुंचा, जबकि कई झीलों में पानी का स्तर तेजी से बढ़ा।

तस्वीर में मुंबई की प्रमुख जल आपूर्ति झीलों में शामिल तानसा झील और उसका बांध नजर आ रहा है, जिसके ओवरफ्लो होने के बाद पानी लगातार बह रहा है।
लगातार जारी मानसूनी बारिश के बीच मुंबई की प्रमुख जल आपूर्ति झीलों में शामिल तानसा झील बुधवार सुबह ओवरफ्लो हो गई। तानसा झील में पानी का स्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने तानसा बांध के गेट खोलकर जलस्तर को नियंत्रित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी।
ग्रेटर मुंबई को पेयजल उपलब्ध कराने वाले सात जलाशयों में शामिल तानसा झील बुधवार को सुबह करीब 8:51 बजे लगातार बारिश के कारण छलक उठी। तानसा मुंबई के प्रमुख जल स्रोतों में से एक है और इसकी अधिकतम भंडारण क्षमता 14,508 करोड़ लीटर है।
झील के ओवरफ्लो होने की यह स्थिति जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण बनी है, जिससे मौजूदा मानसून सीजन के दौरान मुंबई के जल भंडार को मजबूती मिली है।
लगातार बारिश के चलते मुंबई की जल आपूर्ति व्यवस्था से जुड़े कई जलाशय अपनी पूरी क्षमता के करीब पहुंच रहे हैं। इससे शहर के जल भंडारण स्तर में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है।
मुंबई के सात जलाशयों में कुल जल भंडार बढ़कर 8,95,907 मिलियन लीटर (ML) पहुंच गया है, जो कुल उपयोगी लाइव स्टोरेज क्षमता का 61.90 फीसदी है। यह जानकारी भांडुप कॉम्प्लेक्स स्थित हाइड्रोलिक इंजीनियर विभाग की ओर से दी गई।
मंगलवार 21 जुलाई सुबह 6 बजे से बुधवार 22 जुलाई सुबह 6 बजे तक शहर के जल भंडार में 4.15 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई। इस दौरान जल भंडारण 57.75 फीसदी से बढ़कर 61.90 फीसदी हो गया। जलग्रहण क्षेत्रों में व्यापक बारिश के कारण यह वृद्धि दर्ज की गई।
मुंबई के सबसे बड़े जल आपूर्ति जलाशय भातसा में वर्तमान में 4,10,644 ML पानी उपलब्ध है, जो इसकी उपयोगी लाइव स्टोरेज क्षमता का 57.27 फीसदी है। पिछले 24 घंटों में जलस्तर में सबसे अधिक वृद्धि भी भातसा में दर्ज की गई, जहां पानी का स्तर 1.72 मीटर बढ़ा।
जलाशयों के कैचमेंट क्षेत्रों में भारी बारिश जारी रही। पिछले 24 घंटों में अपर वैतरणा क्षेत्र में सबसे अधिक 224 मिमी बारिश दर्ज की गई।
अन्य झीलों में दर्ज बारिश इस प्रकार रही। भातसा में 96 मिमी, मिडिल वैतरणा में 71 मिमी, तुलसी में 71 मिमी, तानसा में 70 मिमी, मोडक सागर में 67 मिमी और विहार में 65 मिमी बारिश दर्ज की गई।
अपर वैतरणा, मोडक सागर, तानसा और मिडिल वैतरणा का संयुक्त जल भंडारण अब 4,49,519 ML पहुंच गया है, जो इनकी कुल लाइव स्टोरेज क्षमता का 64.72 फीसदी है।
भांडुप कॉम्प्लेक्स में पिछले 24 घंटों में 52 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके साथ ही सीजन की कुल बारिश 2,006 मिमी तक पहुंच गई है।
हाइड्रोलिक इंजीनियर विभाग ने बताया कि मिडिल वैतरणा WSCPO गेट 6 जुलाई को दोपहर 2 बजे से बंद है, जबकि अपर वैतरणा से पानी छोड़ने की प्रक्रिया 6 जुलाई को सुबह 10 बजे से रोक दी गई है।
विहार झील 7 जुलाई रात 9 बजे से ओवरफ्लो हो रही है, जबकि तुलसी झील 7 जुलाई रात 11:43 बजे से लगातार छलक रही है। लगातार मानसूनी आवक ने मुंबई की जल आपूर्ति प्रणाली में जल भंडारण की स्थिति को मजबूत किया है।

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