मुंबई में महाराणा प्रताप चौक स्कायवॉक परियोजना से जुड़े पेड़ों की कटाई, प्रत्यारोपण और 238 पौधों के रोपण के प्रस्ताव पर आज स्थायी समिति में अहम फैसला संभव।

मुंबई में बृहन्मुंबई महानगरपालिका की आज होने वाली स्थायी समिति की बैठक में टी विभाग के अंतर्गत महाराणा प्रताप चौक, एल.बी.एस. रोड पर प्रस्तावित स्कायवॉक परियोजना से जुड़े एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर चर्चा होने की संभावना है। प्रस्ताव में परियोजना के लिए आवश्यक पेड़ों की कटाई, प्रत्यारोपण, नए वृक्षारोपण तथा महाराष्ट्र वन विकास महामंडल को इससे संबंधित राशि उपलब्ध कराने को मंजूरी देने का विषय शामिल है। विकास और पर्यावरण संरक्षण, दोनों दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण मानी जा रही इस परियोजना पर समिति में विस्तृत चर्चा होने की उम्मीद है।

महापालिका के दस्तावेजों के अनुसार महाराणा प्रताप चौक पर स्कायवॉक निर्माण का कार्य पहले से प्रगति पर है। परियोजना के लिए किए गए सर्वेक्षण में कुल 10 पेड़ प्रभावित होने की बात सामने आई है। इनमें से 7 पेड़ों को काटने, 3 पेड़ों का प्रत्यारोपण करने तथा प्रभावित पेड़ों के बदले 238 नए पौधे लगाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। संबंधित अनुमति उद्यान विभाग से पहले ही प्राप्त की जा चुकी है।

प्रस्ताव में उल्लेख किया गया है कि प्रत्यारोपित किए जाने वाले पेड़ों के लिए उपयुक्त स्थान उपलब्ध नहीं होने के कारण महाराष्ट्र वन विकास महामंडल के माध्यम से नए वृक्षारोपण और उनके सात वर्षों तक संरक्षण की व्यवस्था करने का निर्णय प्रस्तावित किया गया है। इसके तहत प्रतिपूरक वृक्षारोपण के साथ दीर्घकालीन संरक्षण सुनिश्चित करने की योजना बनाई गई है।

प्रस्ताव के अनुसार 238 नए पौधों के रोपण और सात वर्षों तक उनके रखरखाव, तीन पेड़ों के प्रत्यारोपण तथा सात पेड़ों की कटाई और एक माह तक उनकी देखभाल सहित विभिन्न कार्यों के लिए लगभग 24.51 लाख रुपये का व्यय प्रस्तावित किया गया है। इस राशि को महाराष्ट्र वन विकास महामंडल को उपलब्ध कराने की अनुमति भी स्थायी समिति से मांगी गई है।

महापालिका का कहना है कि स्कायवॉक परियोजना से क्षेत्र में पैदल यात्रियों की आवाजाही अधिक सुरक्षित और सुगम होगी। साथ ही पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए प्रतिपूरक वृक्षारोपण और दीर्घकालीन संरक्षण की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। ऐसे में आज होने वाली स्थायी समिति की बैठक में इस प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा के बाद निर्णय लिए जाने की संभावना है। समिति से मंजूरी मिलने पर परियोजना से जुड़ी पर्यावरणीय प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त होगा और स्कायवॉक निर्माण कार्य को भी गति मिलने की उम्मीद है।

Pratahkal Bureau

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