मुंबई और आसपास के जलग्रहण क्षेत्रों में जारी मूसलाधार बारिश से शहर को पानी उपलब्ध कराने वाली सात प्रमुख झीलों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। भारी बारिश के चलते जलाशयों में कुल जल भंडार 88% तक पहुंच गया है, लेकिन इसके बावजूद मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने फिलहाल शहर में लागू 10% पानी कटौती को हटाने से इनकार कर दिया है।

बीएमसी में भाजपा के गटनेता और सभागृह नेता गणेश खणकर ने स्पष्ट किया है कि जलाशयों के भरने के बाद भी पानी के उपयोग में जल्दबाजी करने के बजाय सितंबर और अक्टूबर तक सावधानी बरतना जरूरी है। उन्होंने बीएमसी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच हुई चर्चा की जानकारी देते हुए बताया कि मानसून के बाद पड़ने वाली तेज गर्मी और वाष्पीकरण के कारण झीलों का जलस्तर तेजी से कम हो सकता है।

गणेश खणकर ने कहा कि अक्टूबर में होने वाली वापसी की बारिश के रुख को देखने के बाद ही पानी कटौती वापस लेने को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि यदि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश जारी रहती है और जलाशयों का जलस्तर 95% के पार पहुंच जाता है, तो पानी कटौती में राहत देने पर विचार किया जा सकता है। हालांकि, मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए अक्टूबर तक 10% पानी कटौती जारी रहेगी।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार प्रशासन को अगले साल अगस्त महीने तक मुंबई की जल आपूर्ति की अग्रिम योजना तैयार रखने के आदेश दिए गए हैं। मुंबई की बढ़ती आबादी की जल जरूरतों को पूरा करने के लिए गार्गाई बांध परियोजना जैसी दीर्घकालिक योजनाओं पर काम तेजी से जारी है।

गणेश खणकर ने मुंबई के नागरिकों से अपील की है कि जलस्रोतों के भरने के बाद भी पानी की बर्बादी न करें और इसका विवेकपूर्ण उपयोग करें। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण से भविष्य में संभावित जल संकट से बचने में मदद मिलेगी।

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