मुंबई: पूर्व उपनगरों में नालेसफाई की धीमी गति पर जनप्रतिनिधि ने जताई चिंता
कुर्ला और साकीनाका में नालों के निरीक्षण के दौरान फंसा हुआ टेम्पो मिला, जनप्रतिनिधि ने सफाई कार्य में देरी को लेकर प्रशासन को फटकार लगाई।

मुंबई में मानसून पूर्व तैयारियों को लेकर प्रशासनिक सक्रियता और राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। इसी क्रम में कुर्ला और साकीनाका विभाग का दौरा करने पहुंचे एक वरिष्ठ जनप्रतिनिधि ने नालेसफाई की स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने बताया कि मुंबई शहर और पश्चिम उपनगरों में नालेसफाई का कार्य संतोषजनक स्थिति में है, जबकि पूर्व उपनगरों में यह प्रक्रिया बेहद धीमी चल रही है। ठेकेदारों की नियुक्ति में देरी के कारण कार्य देर से शुरू हुआ, जिसके चलते अब तक केवल 40 से 45 प्रतिशत नालेसफाई ही पूरी हो पाई है।
साकीनाका और कुर्ला के नालों के निरीक्षण के दौरान भारी मात्रा में कचरा पाया गया। स्थिति की गंभीरता तब सामने आई जब एक नाले में फंसा हुआ टेम्पो भी मिला, जिसने नगर निगम की कार्यप्रणाली और सफाई व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
जनप्रतिनिधि ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को तत्काल “डीप क्लीनिंग” के सख्त निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे नालों में कचरा न फेंकें तथा उल्लंघन करने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
दौरे के दौरान उन्होंने वाकोला क्षेत्र में मछली विक्रेताओं पर लगाए गए कथित प्रतिबंधों को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी को क्या खाना चाहिए, इस पर नगर निगम का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही उन्होंने ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जो मछली काटने या बेचने पर कथित तौर पर जातक नियम थोपने का प्रयास कर रहे हैं।
इसके अलावा, मराठी भाषा के सम्मान को लेकर उन्होंने 5,020 दुकानों का मुद्दा उठाया, जिन पर अब तक मराठी में बोर्ड नहीं लगाए गए हैं। उन्होंने इन सभी दुकानों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
महापौर रितू तावडे के दौरे में शामिल न होने पर उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें आमंत्रण नहीं मिला था, इसी कारण उन्होंने अपना स्वतंत्र निरीक्षण किया। प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि समय के साथ अधिकारियों के कामकाज में सुधार की उम्मीद है और व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी।
मुंबई के पूर्व उपनगरों में नालेसफाई की धीमी गति, अव्यवस्थित कचरा प्रबंधन और फंसे टेम्पो जैसी घटनाओं ने नगर निगम की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जो आने वाले मानसून के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
