मुंबई के पवई क्षेत्र में सुरक्षा और तकनीकी क्षमता विकास के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए बृहन्मुंबई महानगरपालिका के 'महानगरपालिका क्षमता विकास व अनुसंधान केंद्र' और 'फायर एंड सिक्योरिटी एसोसिएशन ऑफ इंडिया' के सहयोग से पवई स्थित एमसीएमसीआर परिसर में 'एमसीएमसीआर-एफएसएआई कौशल विकास केंद्र' की शुरुआत की गई है। यह अत्याधुनिक केंद्र महाराष्ट्र के सभी शहरी स्थानीय निकायों, अग्निशमन दलों, आर्किटेक्ट्स, इंजीनियरों, विद्यार्थियों, हाउसिंग सोसायटियों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और आम नागरिकों के लिए उपयोगी साबित होगा। इसके माध्यम से आधुनिक अग्नि सुरक्षा प्रणालियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए कुशल कार्यबल तैयार किया जाएगा।

इस कौशल विकास केंद्र का उद्घाटन महाराष्ट्र अग्निशमन सेवा के निदेशक संतोष वारिक ने किया। कार्यक्रम में फायर एंड सिक्योरिटी एसोसिएशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिपेन मेहता, बीएमसी के मुख्य अग्निशमन अधिकारी रवींद्र आंबुळगेकर, एमसीएमसीआर के निदेशक सुनील धामणे, मुंबई फायर ब्रिगेड के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न सरकारी विभागों के प्रतिनिधि, उद्योग जगत के विशेषज्ञ तथा अग्नि सुरक्षा क्षेत्र से जुड़े पेशेवर बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

बीएमसी के अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त डॉ. विपिन शर्मा ने केंद्र की स्थापना पर विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि यह अनूठा संस्थान शहरी क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा की तैयारियों को मजबूत करने और कौशल आधारित प्रशिक्षण को बढ़ावा देने में मील का पत्थर साबित होगा।

इस नवनिर्मित कौशल विकास केंद्र की सबसे बड़ी विशेषता यहां स्थापित की गई आधुनिक अग्निशमन और जीवन सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी 'लाइव एक्सपीरियंशियल लर्निंग लैबोरेटरी' है। इस हाई-टेक प्रयोगशाला में आधुनिक फायर डिटेक्शन सिस्टम, फायर सप्रेशन सिस्टम, पैसिव फायर प्रोटेक्शन, सुरक्षा तंत्र, आपातकालीन निकासी प्रणाली, आधुनिक पंप, सेंसर्स और संबंधित अत्याधुनिक तकनीकों के लाइव वर्किंग मॉडल प्रदर्शित किए गए हैं। इसके माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले लोगों को केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं, बल्कि प्रत्यक्ष प्रैक्टिकल और हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग भी दी जाएगी।

केंद्र में विभिन्न प्रकार के सर्टिफिकेट कोर्स संचालित किए जाएंगे। साथ ही उच्च स्तरीय अनुसंधान और नए नवाचारों को भी व्यापक स्तर पर बढ़ावा दिया जाएगा। यहां प्रदर्शित सभी अग्नि सुरक्षा और जीवन रक्षा प्रणालियों को राष्ट्रीय भवन निर्माण मानक 2026 तथा महाराष्ट्र अग्नि निवारण व जीवन सुरक्षा उपाय अधिनियम 2006 के प्रावधानों के अनुरूप डिजाइन और विकसित किया गया है।

बीएमसी प्रशासन का मानना है कि यह केंद्र विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों, विद्यार्थियों और अन्य हितधारकों की क्षमता निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। साथ ही यह अनुसंधान और ज्ञान के आदान-प्रदान के लिए एक प्रभावी वैश्विक मंच के रूप में भी उभरेगा। प्रशासन के अनुसार इस तरह के प्रशिक्षण से आगजनी जैसी आपातकालीन घटनाओं में जान-माल के नुकसान को न्यूनतम करने के साथ सुरक्षित, सक्षम और अधिक मजबूत शहरों के निर्माण में भी यह केंद्र महत्वपूर्ण योगदान देगा।

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