मुंबई। मुंबई पुलिस ने शहर में सक्रिय एक फर्जी पुलिसकर्मियों के गैंग का भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गैंग खुद को पुलिसकर्मी बताकर लोगों से ठगी करने का काम करता था और लंबे समय से महाराष्ट्र व गुजरात समेत कई राज्यों में वारदातों को अंजाम दे रहा था। इस गिरफ्तारी से आम जनता के बीच सुरक्षा के सवाल और जागरूकता की जरूरत पर फिर से ध्यान गया।

चारकोप पुलिस को कुछ दिनों पहले सूचना मिली कि इलाके में दो लोग नकली पुलिस बनकर लोगों को ठगने की फिराक में हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने जाल बिछाया और दोनों आरोपियों को मौके से धर दबोचा। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जाहेद जावेद अली जाफरी (42) और काबुल नौशाद अली (58) के रूप में हुई।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दिल्ली पुलिस का एक नकली पहचान पत्र और करीब दो तोले सोने की चेन बरामद की, जिसकी कीमत लगभग दो लाख रुपये बताई जा रही है। प्रारंभिक जांच में पता चला कि आरोपी अपने शिकार को पहले पुलिस की धमकी दिखाकर डराते थे और फिर झूठे केस में फँसाने की धमकी देकर उनसे पैसे, गहने और अन्य मूल्यवान सामान ऐंठ लेते थे।

पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने मुंबई के कई थानों के इलाके—कालाचौकी, माहिम, दादर, दहिसर, धारावी, सांताक्रूज़, कल्याण, अंधेरी, विले पार्ले, मेघवाड़ी, गोरेगांव और नेहरूनगर—में इस तरह की वारदातें की हैं। इतना ही नहीं, गुजरात के सूरत और बारडोली में भी ये लोग सक्रिय रहे।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ पहले से ही धोखाधड़ी और चोरी के 25 मामले दर्ज हैं। इन मामलों में आरोपी लंबे समय से फरार थे और अब चारकोप पुलिस के हत्थे चढ़ गए हैं। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों से कई ठगी के मामलों के तार और उनके modus operandi की जानकारी भी जुटाई है।

मुंबई पुलिस ने आम जनता को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर कोई व्यक्ति खुद को पुलिसकर्मी बताकर आपसे पैसे, गहने या अन्य सामान मांगता है, तो तुरंत 100 नंबर पर कॉल करें या नजदीकी पुलिस थाने में संपर्क करें। पुलिस ने स्पष्ट किया कि असली पुलिस कभी बिना लिखित नोटिस और सही पहचान पत्र दिखाए इस तरह की कार्रवाई नहीं करती।

इस गिरफ्तारी ने यह भी सवाल उठाए हैं कि कैसे फर्जी पुलिसकर्मी इतने लंबे समय तक कई राज्यों में वारदात कर सकते थे। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे अपराधियों के खिलाफ व्यापक निगरानी और सामाजिक जागरूकता की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी बताया कि आम जनता को हमेशा पहचान पत्र और अधिकारों की पुष्टि करनी चाहिए, ताकि ऐसे ठगी के मामले रोके जा सकें।

पुलिस के हत्थे चढ़ने के बाद इलाके के लोगों ने राहत की सांस ली है। नागरिकों ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में शहर में इस तरह की घटनाओं की बढ़ती संख्या से भय का माहौल था। अब आरोपी गिरफ्तार होने के बाद कई लोगों ने पुलिस की तत्परता और कार्रवाई की सराहना की।

यह मामला केवल एक अपराध की गिरफ्तारी नहीं है, बल्कि यह समाज में सुरक्षा, सतर्कता और जागरूकता की जरूरत की याद दिलाता है। फर्जी पुलिसकर्मी जैसी घटनाएं आम नागरिकों की सुरक्षा और भरोसे को प्रभावित कर सकती हैं। मुंबई पुलिस ने इस मामले में जल्द ही सभी शिकारों से संपर्क कर उन्हें न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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