मुंबई में खुले मैनहोल बने बड़ा खतरा, उपमहापौर संजय घाडी ने बीएमसी से मांगी तत्काल सुरक्षा व्यवस्था
मुंबई में मानसून के बीच खुले मैनहोल्स नागरिकों के लिए बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं। उपमहापौर संजय घाडी ने बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिडे को पत्र लिखकर संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा जालियां लगाने और विशेष जांच अभियान चलाने की मांग की है।

मानसून के आगमन के साथ ही मुंबई की सड़कों पर जलभराव और खुले मैनहोल एक बार फिर नागरिकों की सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गए हैं। बारिश के दौरान होने वाले संभावित हादसों को रोकने के उद्देश्य से मुंबई के उपमहापौर संजय घाडी ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की आयुक्त अश्विनी भिडे को पत्र लिखकर शहर के संवेदनशील क्षेत्रों में तत्काल सुरक्षा उपाय लागू करने की मांग की है।
उपमहापौर संजय घाडी ने अपने पत्र में कहा है कि मुंबई शहर और उपनगरों के उन सभी इलाकों का व्यापक सर्वेक्षण कराया जाए जहां मानसून के दौरान जलभराव की स्थिति सबसे अधिक बनती है। उन्होंने विशेष रूप से ऐसे क्षेत्रों के मैनहोल्स के भीतर मजबूत और टिकाऊ सुरक्षा जालियां लगाने की आवश्यकता पर बल दिया है, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना को रोका जा सके।
पत्र में उन्होंने इस बात पर गंभीर चिंता व्यक्त की है कि भारी बारिश के दौरान सड़कों पर जमा पानी के कारण खुले या क्षतिग्रस्त मैनहोल दिखाई नहीं देते। ऐसी स्थिति में राहगीरों, दोपहिया चालकों और अन्य वाहन चालकों के लिए जानलेवा दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा खुले मैनहोल्स के माध्यम से प्लास्टिक, कचरा और अन्य अपशिष्ट पदार्थ सीवर और ड्रेनेज नेटवर्क में पहुंचकर जलनिकासी व्यवस्था को प्रभावित करते हैं, जिससे पानी की निकासी बाधित होती है और कई स्थानों पर बाढ़ जैसी परिस्थितियां उत्पन्न हो जाती हैं।
संजय घाडी ने बीएमसी आयुक्त से यह भी आग्रह किया है कि शहर के सभी स्कूलों, प्रमुख अस्पतालों, रेलवे स्टेशनों तथा जलभराव प्रभावित सखल क्षेत्रों के आसपास स्थित मैनहोल्स की विशेष जांच के लिए अभियान चलाया जाए। उन्होंने इन भीड़भाड़ वाले और संवेदनशील स्थानों पर उच्च गुणवत्ता वाली जंग-रोधी सुरक्षा जालियां लगाने की प्रक्रिया को प्राथमिकता देने की मांग की है।
उपमहापौर के पत्र के बाद बीएमसी प्रशासन ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए वार्ड स्तर पर ड्रेनेज सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की तैयारी शुरू कर दी है। मानसून के दौरान नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जिससे शहर की जलनिकासी व्यवस्था को भी अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाया जा सकेगा।

Pratahkal Bureau
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