मानसून की तैयारियों पर सख्त: मुंबई में 'शून्य जनहानि' के लिए प्रशासन अलर्ट, सड़कों का कायाकल्प
मुंबई में मानसून के दौरान 'शून्य जनहानि' के लक्ष्य को लेकर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने प्रशासन को कड़े निर्देश दिए हैं। सड़कों के कंक्रीटीकरण से लेकर आपदा प्रबंधन टीम के गठन तक, क्या है सरकार की पूरी तैयारी? जानिए विस्तार से।

बीएमसी आपदा प्रबंधन विभाग में मानसून तैयारियों को लेकर आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते अधिकारी और प्रतिनिधि।
मुंबई: मानसून की आहट के साथ ही मुंबई महानगर की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कड़े तेवर अपना लिए हैं। आगामी वर्षा ऋतु में किसी भी प्रकार की जनहानि को शून्य पर लाने के दृढ़ संकल्प के साथ उपमुख्यमंत्री ने सभी सरकारी एजेंसियों को आपसी समन्वय और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में रेलवे, मौसम विभाग, कोस्ट गार्ड, नौसेना, एनडीआरएफ, बीएमसी और एमएमआरडीए जैसे प्रमुख संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रशासन को मानसून की तैयारियों के लिए मिला अतिरिक्त समय एक अवसर है, जिसका उपयोग नागरिकों की सुरक्षा और जलापूर्ति के उचित नियोजन के लिए किया जाना चाहिए।
शहर के बुनियादी ढांचे पर चर्चा करते हुए उपमुख्यमंत्री ने मुंबई की सड़कों के कायाकल्प को एक बड़ी उपलब्धि करार दिया। उन्होंने जानकारी दी कि 'गड्ढा मुक्त मुंबई' अभियान के अंतर्गत शहर की 2000 किलोमीटर सड़कों में से 1700 किलोमीटर का कंक्रीटीकरण कार्य पूर्ण हो चुका है। इस बदलाव से सड़कों के रख-रखाव और गड्ढे भरने पर होने वाले व्यय में 80 प्रतिशत की कमी आई है, जो वित्तीय और ढांचागत दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने बीएमसी को एनडीआरएफ की तर्ज पर अपनी स्वयं की समर्पित आपदा प्रतिक्रिया टीम गठित करने के निर्देश दिए हैं।
सुरक्षा के मोर्चे पर उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट आदेश दिए हैं कि शहर में स्थित बड़े विज्ञापन होर्डिंग्स का अनिवार्य रूप से स्ट्रक्चरल ऑडिट किया जाए और भूस्खलन के प्रति संवेदनशील पहाड़ी इलाकों में सुरक्षा जालियां लगाई जाएं। इसके अतिरिक्त, नालों की सफाई, फ्लड गेट्स की सक्रियता और भूमिगत जल संचयन टैंकों की कार्यक्षमता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया है। स्वास्थ्य सुरक्षा के मद्देनजर उन्होंने झोपड़पट्टी इलाकों में जल निकासी की सुदृढ़ व्यवस्था और 'हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे आपला दवाखाना' में दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखने को कहा है। बीएमसी ने बैठक में अवगत कराया कि आपदा प्रबंधन के लिए 934 वाटर पंप, 125 वर्षा मापक यंत्र और 1000 'आपदा मित्र' तैनात किए गए हैं। उपमुख्यमंत्री शिंदे ने सभी एजेंसियों को एक टीम के रूप में कार्य करते हुए मुंबईकरों को हर संभव सुरक्षा प्रदान करने का विश्वास दिलाया।

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