मुंबई में मानसून का हाई अलर्ट: 24 दिनों तक समुद्र दिखाएगा रौद्र रूप, बीएमसी ने जारी किया ‘डेंजर कैलेंडर’
मुंबई में मानसून के बीच समुद्र का रौद्र रूप चिंता बढ़ाने वाला है। बीएमसी ने जून से सितंबर तक 24 खतरनाक हाई टाइड दिनों का कैलेंडर जारी किया है। जानिए कब सबसे ऊंची लहरें उठेंगी और क्यों बढ़ा अलर्ट।

मुंबई के समुद्र तट पर मानसून के दौरान सुरक्षा नियमों का उल्लंघन कर खतरनाक ऊंची लहरों के पास जाते नागरिक, जहां प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था तैनात की है।
मानसून की दस्तक के साथ ही मुंबई में समुद्र का मिजाज भी खतरनाक होने जा रहा है। महानगरपालिका (बीएमसी) ने आगामी महीनों के लिए हाई टाइड को लेकर विशेष चेतावनी जारी करते हुए वर्ष 2026 का आधिकारिक ‘हाई टाइड कैलेंडर’ सार्वजनिक किया है। कैलेंडर के अनुसार जून से सितंबर के बीच कुल 24 दिन ऐसे रहेंगे, जब समुद्र में अत्यधिक ऊंची और खतरनाक लहरें उठने की संभावना है।
बीएमसी द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक इन निर्धारित दिनों में समुद्र की लहरों की ऊंचाई 4.5 मीटर से अधिक रह सकती है। प्रशासन ने नागरिकों को आगाह किया है कि मानसून के दौरान ऊंचे ज्वार और भारी वर्षा का एक साथ होना शहर के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। ऐसी स्थिति में समुद्र का बढ़ा हुआ जलस्तर ड्रेनेज सिस्टम के जल निकास को प्रभावित कर सकता है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव अथवा बाढ़ जैसी परिस्थितियां उत्पन्न होने की आशंका बढ़ जाती है।
हाई टाइड कैलेंडर के अनुसार जून और जुलाई में छह-छह दिन, अगस्त में पांच दिन तथा सितंबर में सात दिन समुद्र में खतरनाक ऊंची लहरें उठने की संभावना जताई गई है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस वर्ष का सबसे ऊंचा ज्वार 16 जुलाई को दर्ज हो सकता है, जब समुद्र की लहरें लगभग 4.89 मीटर अर्थात करीब 16 फीट तक पहुंच सकती हैं।
कैलेंडर में यह भी संकेत दिया गया है कि जून माह में 14 से 19 जून के बीच समुद्र का जलस्तर विशेष रूप से ऊंचा रहेगा। वहीं अगस्त में 12 से 16 अगस्त के दौरान भी समुद्र में उफान की स्थिति बनी रहने की संभावना है। इन अवधियों के दौरान तटीय क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता बताई गई है।
बीएमसी ने नागरिकों और पर्यटकों से अपील की है कि वे निर्धारित हाई टाइड वाले दिनों में समुद्र तटों, चट्टानी किनारों और अन्य तटीय क्षेत्रों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए लाइफगार्ड्स, दमकल विभाग तथा तटीय पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मानसून के दौरान समुद्र का बढ़ता उफान आकर्षण का केंद्र बन सकता है, लेकिन सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देना आवश्यक है। नागरिकों से आग्रह किया गया है कि वे केवल आधिकारिक निर्देशों का पालन करें और उफनते समुद्र के समीप जाकर सेल्फी लेने या अनावश्यक रूप से जोखिम उठाने से बचें। आने वाले महीनों में समुद्र के इस बदलते स्वरूप को देखते हुए सतर्कता ही किसी भी अप्रिय घटना से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय होगी।

Pratahkal Bureau
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