मुंबई मेट्रो-मोनोरेल के 580 सुरक्षाकर्मियों की नौकरी पर संकट, MNS ने उठाया मुद्दा
अचानक काम से हटाए गए सुरक्षा कर्मियों को MMRDA और सरकार ने दोबारा रोजगार देने का दिया आश्वासन।

मुंबई। मुंबई में मेट्रो और मोनोरेल में पिछले पांच-छह वर्षों से सुरक्षा गार्ड के रूप में सेवाएं दे रहे लगभग 580 कर्मचारियों की नौकरी अचानक संकट में आ गई है। बीते 1 अक्टूबर को इन कर्मचारियों को मैसेज भेजकर अगले दिन से काम पर नहीं आने के लिए कहा गया। अचानक रोजगार छिनने से परेशान सुरक्षा कर्मियों ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना यानी मनसे के वरिष्ठ नेता बाला नांदगांवकर से मदद की गुहार लगाई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बाला नांदगांवकर ने एमएमआरडीए प्रशासन से मुलाकात की और सुरक्षा कर्मियों का पक्ष मजबूती से रखा। उन्होंने बताया कि प्रशासन के साथ उनकी बातचीत बेहद सकारात्मक रही। सरकार और एमएमआरडीए ने आश्वासन दिया है कि नियमों और योग्यता के दायरे में आने वाले कर्मचारियों को उनकी शैक्षणिक योग्यता के अनुसार दोबारा काम पर रखा जाएगा, ताकि किसी का रोजगार न छिने।
बाला नांदगांवकर ने ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा सीखने के मुद्दे पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि हमारी किसी से कोई दुश्मनी नहीं है, लेकिन महाराष्ट्र की संस्कृति और संस्कारों को स्वीकार करना हर किसी के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों के रोजगार को सुरक्षित रखना हमारी पहली प्राथमिकता है।
मनसे नेता ने चुनाव आयोग और प्रशासन से जुड़े अन्य सार्वजनिक मुद्दों पर भी सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की, ताकि जनता के बीच भ्रम की स्थिति न रहे। मेट्रो और मोनोरेल के सुरक्षा कर्मियों के रोजगार से जुड़े इस मामले में एमएमआरडीए और सरकार के आश्वासन के बाद प्रभावित कर्मचारियों की नौकरी को लेकर आगे की प्रक्रिया महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

Pratahkal Bureau
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