मुंबई। आज़ाद मैदान में अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारियों के बीच सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 की शाम मुंबई की महापौर रितू तावड़े पहुंचीं। राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन के तहत काम करने वाले 1700 से ज्यादा कर्मचारियों से मुलाकात कर महापौर ने धरने पर बैठे कर्मचारियों की समस्याएं सीधे सुनीं और उनकी जायज मांगों को जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया।

महापौर रितू तावड़े ने कर्मचारियों से बातचीत के दौरान भरोसा दिलाया कि बीएमसी उनके हक के साथ खड़ी है। उन्होंने कर्मचारियों की सभी परेशानियों को ध्यान से सुना और इस संबंध में बीएमसी के अतिरिक्त आयुक्त को तुरंत एक पत्र भी जारी किया।

पत्र में महापौर ने कहा कि कोरोना काल के संकट के दौरान इन स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर मुंबई की जनता की दिन-रात सेवा की है। प्रशासन को उनके इस बड़े योगदान को हमेशा याद रखना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन अनुभवी कर्मचारियों को काम करते हुए 10 साल हो चुके हैं, उन्हें स्थायी नौकरी में शामिल करने के लिए एक विशेष नीति बनाई जाए।

महापौर ने कर्मचारियों को बढ़ा हुआ न्यूनतम वेतन देने, महिला कर्मचारियों को वेतन के साथ मातृत्व अवकाश देने, समय पर दिवाली बोनस जारी करने और पीएफ व ईएसआईसी जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। इसके साथ ही वेतन देने में देरी करने वाली ठेकेदार एजेंसी पर कड़ी कार्रवाई करने और कर्मचारियों की शिकायतों को सुनने के लिए एक अलग समिति बनाने की बात कही।

महापौर के इस आश्वासन के बाद आज़ाद मैदान में आंदोलन कर रहे आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारियों को राहत मिली है। राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन के तहत काम कर रहे 1700 से ज्यादा कर्मचारियों की मांगों को लेकर बीएमसी स्तर पर दिए गए इन निर्देशों से अब उनकी लंबित मांगों पर कार्रवाई की उम्मीद बनी है।

Pratahkal Bureau

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