मुंबई। मुंबई सहित मेट्रोपॉलिटन रीजन में टाइल्स, मार्बल और ग्रेनाइट का कारोबार करने वाले व्यापारी कथित फर्जी माथाडी कामगारों की वसूली से परेशान हैं। कारोबारियों का आरोप है कि पुलिस और प्रशासन से बार-बार शिकायत करने के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ है। व्यापारियों के सामने अब यह सवाल खड़ा हो गया है कि वे इस तरह की परेशानी के बीच अपना व्यवसाय कैसे चलाएं। वहीं, कामगार मंत्री आकाश फुंडकर ने कहा है कि बोगस माथाडी कामगारों को लेकर आए दिन शिकायतें मिल रही हैं और इससे स्थायी रूप से निपटने के लिए नई नीति बनाने पर काम किया जा रहा है।

बोरीवली दहिसर स्टोन डीलर असोसिएशन के प्रेसिडेंट मनीष अग्रवाल ने कहा कि माथाडी कामगारों की वसूली से व्यापारी तंग आ चुके हैं। उनके अनुसार, ये लोग काम नहीं करते, बल्कि जबरन पैसे की मांग करते हैं। पैसा नहीं देने पर गाड़ी से टाइल्स उतारने तक नहीं देते।

श्री पारसनाथ एक्सपोर्ट के गौतम ओस्तवाल ने कहा कि मार्बल के ट्रक या टेम्पो से माल उतारने के लिए ट्रेंड कामगारों की जरूरत होती है, जबकि माथाडी के पास ऐसे कामगार होते ही नहीं हैं। उन्होंने कहा कि मार्बल, टाइल्स और ग्रेनाइट की लोडिंग और अनलोडिंग केवल ट्रेंड मजदूर ही कर सकते हैं।

सालासर मार्बल के संजय अग्रवाल ने कहा कि साधारण माथाडी उनके किसी काम के नहीं हैं। अगर उनसे गाड़ी खाली कराई जाए तो हादसा होने की संभावना हमेशा बनी रहती है। उन्होंने कहा कि ऐसे कई हादसे हो चुके हैं, जिनमें मजदूर हमेशा के लिए अपंग हो गया है।

बोरीवली स्टोन के सेक्रेटरी मनीष रांदर ने कहा कि मार्बल और टाइल्स के काम से माथाडी का कोई लेना-देना नहीं है। इसलिए उनके व्यवसाय से माथाडी को हमेशा के लिए निकाल देना चाहिए।

मार्बल कारोबारी अरविंद जैन, नीलेश मेवाडा, शैलेश जैन और जयेश जाजू आदि ने कहा कि उनकी ट्रक या टेंपो आते ही माथाडी वहां पहुंच जाता है। उनका आरोप है कि माथाडी तब तक गाड़ी खाली नहीं करने देते, जब तक उन्हें पैसा नहीं मिल जाता। कारोबारी के अनुसार, वराई के नाम पर पैसा वसूला जाता है और पैसा मिलते ही वे चले जाते हैं, क्योंकि उन्हें गाड़ी से मार्बल-टाइल्स उतारना ही नहीं आता। व्यापारियों का कहना है कि वे यह काम ट्रेंड लोगों से करवाते हैं।

मार्बल व्यापारियों की समस्याओं को लेकर गत दिनों विले पार्ले मार्बल असोसएिसन के अध्यक्ष गजेंद्र भंडारी ने कामगार मंत्री आकाश फुंडकर से मुलाकात की और उन्हें पूरी जानकारी दी। मंत्री फुंडकर ने स्वीकार किया कि मार्बल व्यापारियों की शिकायत जायज है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार इस मामले पर काम कर रही है और इस संबंध में जल्द ही शासनादेश जारी किया जाएगा, ताकि व्यापारी निडर होकर व्यवसाय कर सकें।

Naresh Ameta (Mumbai)

Naresh Ameta (Mumbai)

नरेश अमेटा (मुंबई), प्रात:काल समाचार वेबसाइट के अनुभवी संवाददाता हैं। मुंबई से कार्यरत नरेश जी समाचार की सटीकता और निष्पक्षता के लिए जाने जाते हैं। वे प्रमुख राष्ट्रीय और स्थानीय खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं और अपने विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण से पाठकों को घटनाओं की गहरी समझ प्रदान करते हैं। नरेश जी की लेखनी में तथ्यपरक जानकारी के साथ-साथ घटनाओं की ताज़ा और भरोसेमंद प्रस्तुति देखने को मिलती है, जो प्रात:काल के पाठकों के लिए समाचार अनुभव को और समृद्ध बनाती है।

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