मुंबई। गणेशोत्सव से ठीक पहले मलाड इलाके में पानी की भारी किल्लत, गंदे पानी की आपूर्ति और कम दबाव से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। इस गंभीर समस्या को लेकर बीएमसी के पी-उत्तर और पी-दक्षिण प्रभाग समिति की बैठक में जोरदार हंगामा हुआ। जनता को उनके हक का पानी दिलाने की मांग को लेकर वार्ड नंबर 43 के नगरसेवक अजित रावराणे हाथों में खाली बर्तन लेकर बीएमसी कार्यालय के सामने जमीन पर धरने पर बैठ गए।

अजित रावराणे के आंदोलन का समर्थन करते हुए बीएमसी की स्थायी समिति के सदस्य और पार्षद तेजिंदर सिंह तिवाना ने प्रशासन के रवैये पर तीखा हमला बोला। बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों ने मांग रखी कि गणेशोत्सव को देखते हुए पानी की किल्लत दूर करने के लिए जिम्मेदार अधिकारी तत्काल कार्रवाई करें।

हालांकि, अधिकारियों की ओर से जिम्मेदारी टालने का प्रयास किया गया, जिससे पार्षदों का गुस्सा और बढ़ गया। तेजिंदर सिंह तिवाना ने कहा कि जब आम जनता पानी की बूंद-बूंद के लिए तरस रही है, तब बीएमसी प्रशासन इतना लापरवाह कैसे हो सकता है।

इसके बाद दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सभी दलों के नगरसेवक एकजुट हो गए और बीएमसी कार्यालय के मुख्य दरवाजे पर धरने पर बैठकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान पूरे बीएमसी परिसर में ‘पानी दो’ के नारे गूंजने लगे।

अधिकारियों की टालमटोल की नीति के कारण मलाड में पानी का मुद्दा पूरी तरह गरमा गया है। जनप्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि बीएमसी ने जल्द ही पानी की सप्लाई में सुधार नहीं किया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। गणेशोत्सव से पहले पानी की आपूर्ति का यह मुद्दा अब बीएमसी प्रशासन के लिए गंभीर चुनौती बन गया है।

Pratahkal Bureau

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