मुंबई। महाराष्ट्र के स्कूली शिक्षा विभाग ने राज्यभर के स्कूलों की जियो-मैपिंग प्रक्रिया को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। शिक्षा आयुक्त सचिंद्र प्रताप सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिन स्कूलों ने अब तक जियो-टैगिंग पूरी नहीं की है, उन्हें आगामी 10 दिनों के भीतर यह प्रक्रिया अनिवार्य रूप से पूरी करनी होगी।

अधिकारियों के अनुसार, बार-बार की चेतावनियों के बावजूद राज्य के करीब 3,798 स्कूल अब तक आवश्यक विवरण दर्ज नहीं कर पाए हैं। इस प्रक्रिया को सुचारू रूप से लागू करने के लिए सरकार ने अप्रैल माह में ‘महा-स्कूल जीआईएस’ नामक मोबाइल ऐप लॉन्च किया था। इस ऐप के माध्यम से प्रत्येक स्कूल को अपने भवन की तस्वीरें, बुनियादी सुविधाओं का विवरण और अक्षांश-देशांतर के सटीक लोकेशन दर्ज करना अनिवार्य है।

शिक्षा विभाग का उद्देश्य इस जियो-मैपिंग के माध्यम से शिक्षा से जुड़ी योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित करना और संसाधनों की सही योजना बनाना है। अब तक महाराष्ट्र के लगभग 1,44,367 स्कूलों ने यह प्रक्रिया पूरी कर ली है, जबकि शेष स्कूलों की लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए जिला, संभाग और ब्लॉक स्तर के शिक्षा अधिकारियों को व्यक्तिगत निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।

सचिंद्र प्रताप सिंह ने यह भी कहा कि जिन स्कूलों की जियो-टैगिंग अधूरी है या जो बंद हो चुके हैं, उनकी भौतिक जांच कर विवरण अद्यतन करना अनिवार्य होगा। इस कदम से न केवल स्कूलों की सटीक जानकारी सुनिश्चित होगी, बल्कि राज्य में शिक्षा के प्रबंधन और योजनाओं की प्रभावशीलता में भी सुधार होगा।

महाराष्ट्र सरकार का यह निर्णय शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ाने के साथ-साथ सभी स्कूलों में डिजिटल मानचित्रण सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

Pratahkal Bureau

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