मुंबई। मानसून की विदाई से ठीक पहले सितंबर में मुंबई और आसपास के इलाकों में हुई झमाझम बारिश ने शहरवासियों को बड़ी राहत दी है। पिछले दो दिनों में मुंबई को पानी की आपूर्ति करने वाली झीलों के जलग्रहण क्षेत्रों में हुई भारी बारिश से सातों प्रमुख तालाबों का जलस्तर बढ़कर करीब 98 प्रतिशत पहुंच गया है। शनिवार और रविवार को हुई अच्छी बारिश के बाद अब शहर में अगले एक साल तक पानी की कमी नहीं होने की स्थिति बन गई है।

बीएमसी जल विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई को पानी देने वाले सात मुख्य तालाबों की कुल क्षमता 14 लाख 47 हजार मिलियन लीटर है। इनमें अब 14 लाख 17 हजार मिलियन लीटर से अधिक पानी जमा हो चुका है। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि मुंबई को सबसे ज्यादा पानी देने वाला भातसा तालाब पूरी तरह 100 प्रतिशत भर गया है।

भातसा तालाब इससे पहले वर्ष 2022 में पूरी तरह भरा था। इसके बाद अब यह झील अपनी पूरी क्षमता तक पहुंची है। मुंबई शहर को प्रतिदिन करीब 3900 मिलियन लीटर पानी की जरूरत होती है। मानसून की विदाई के समय यानी 1 अक्टूबर तक यदि तालाबों में 100 प्रतिशत पानी रहता है तो पूरे साल शहर में पानी की आपूर्ति बिना किसी कटौती के चलती रहती है।

वर्तमान में तालाबों में 98 प्रतिशत पानी जमा होने से बीएमसी प्रशासन ने संतोष जताया है। जलग्रहण क्षेत्रों में अभी भी पानी की आवक जारी है। ऐसे में आने वाले दिनों में जल भंडारण का आंकड़ा 100 प्रतिशत तक पहुंचने की पूरी संभावना है। दो दिनों की बारिश से बढ़ा जलस्तर मुंबई की सालभर की जलापूर्ति के लिए महत्वपूर्ण राहत लेकर आया है।

Pratahkal Bureau

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