अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मुंबई में एक बेहद अनूठी और मानवीय पहल देखने को मिली, जिसने न केवल शरीर को बल्कि मन के गहरे घावों को भरने की भी कोशिश की। मुंबई जिला एड्स नियंत्रण संस्था ने एचआईवी के साथ जीवन जी रहे नागरिकों के लिए एक विशेष योग सत्र का आयोजन किया, जिसका उद्देश्य इन मरीजों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करना था। यह कार्यक्रम न केवल एक स्वास्थ्य सत्र था, बल्कि समाज में उनके आत्मविश्वास को पुनर्स्थापित करने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने की एक सशक्त कोशिश के रूप में उभरा है।

आयोजन की रूपरेखा केंद्रीय आयुष मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक दिशानिर्देशों के अनुरूप तैयार की गई थी। इस विशेष सत्र में योगासन, प्राणायाम और ध्यान के विभिन्न अभ्यास शामिल किए गए, जिसे प्रसिद्ध 'अंबिका योग कुटीर' के विशेषज्ञों ने तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यक्रम का प्रभाव इसी बात से समझा जा सकता है कि मुंबई के विभिन्न एंटी-रेट्रोवायरल थेरेपी केंद्रों से आए 484 लाभार्थियों ने इसमें पूरे उत्साह के साथ भागीदारी की। योग विशेषज्ञों ने इस दौरान मरीजों को दैनिक जीवन में योग को अपनाने के लाभ समझाए और मानसिक शांति के लिए ध्यान की बारीकियों से अवगत कराया।

इस गरिमामयी कार्यक्रम की एक खास विशेषता एचआईवी पीड़ितों का ही वक्ता के रूप में शामिल होना था। उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि योग उनके लिए केवल एक शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह भावनात्मक उतार-चढ़ाव से निपटने और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने का एक प्रभावी माध्यम बन गया है। प्रतिभागियों का मानना है कि नियमित योगाभ्यास ने उनके जीवन स्तर में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

यह संपूर्ण आयोजन मुंबई जिला एड्स नियंत्रण संस्था के परियोजना निदेशक और बीएमसी के सार्वजनिक स्वास्थ्य उप-आयुक्त शरद उघडे के नेतृत्व और कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की सफलता को देखते हुए श्री उघडे ने स्पष्ट निर्देश दिए कि एचआईवी से जूझ रहे लोगों के स्वास्थ्य संवर्धन और उन्हें सामाजिक सम्मान दिलाने के लिए ऐसे सकारात्मक कार्यक्रमों का सिलसिला भविष्य में भी निरंतर जारी रहना चाहिए। योग का यह भव्य आयोजन यह संदेश देने में सफल रहा कि स्वास्थ्य और हौसले के साथ किसी भी चुनौती को मात दी जा सकती है, जिससे समाज में समावेशिता का एक नया अध्याय शुरू हुआ है।

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