मुंबई में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने शनिवार को जनजीवन की रफ्तार थाम दी। सुबह से ही शहर और उपनगरों में भारी बारिश का दौर जारी रहा, जिससे कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। हालात की गंभीरता को देखते हुए भारतीय मौसम विभाग ने रविवार, 5 जुलाई 2026 के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। इसके बाद बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने पूरे प्रशासनिक तंत्र को युद्धस्तर पर सक्रिय कर दिया है और नागरिकों से अपील की है कि अत्यंत आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकलें तथा विशेष रूप से समुद्र तटों पर जाने से बचें।

भारी बारिश से उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिए बीएमसी के 10 हजार से अधिक अधिकारी और कर्मचारी विभिन्न क्षेत्रों में तैनात किए गए हैं। लगातार हो रही वर्षा के कारण मुंबई के कई निचले इलाकों में पानी भर गया है, जिसके चलते एहतियात के तौर पर कुछ प्रमुख मार्गों पर यातायात को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।

पश्चिमी उपनगरों में मोगरा नाला और उससे जुड़े छोटे नाले पानी से लबालब भरकर बह रहे हैं। इसके कारण कई सड़कों पर जलभराव हो गया है और पानी की निकासी में समय लग रहा है। सुरक्षा के मद्देनजर चेंबूर का नूर-ए-इलाही सर्विस रोड, अंधेरी का वीरा देसाई रोड, स्वामी विवेकानंद मार्ग, अंधेरी सबवे तथा विक्रोळी का हुमा मॉल जंक्शन सहित कई मार्गों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।

छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शनिवार को दोपहर के सत्र में मुंबई के सभी सरकारी और निजी स्कूलों तथा कॉलेजों में अवकाश घोषित किया गया।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शासन और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। राज्य के आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन और मुंबई की मेयर रितू तावडे ने बीएमसी मुख्यालय स्थित आपदा नियंत्रण कक्ष का दौरा कर हालात की समीक्षा की। वहीं, महानगरपालिका आयुक्त अश्विनी भिडे स्वयं नियंत्रण कक्ष से पूरी स्थिति की कमान संभाले हुए हैं। उन्होंने सभी जोनल उपायुक्तों और सहायक आयुक्तों को अपने-अपने क्षेत्रों में पूरी मुस्तैदी के साथ डटे रहने के निर्देश दिए हैं। समीक्षा बैठक में अतिरिक्त आयुक्त अभिजीत बांगर, अविनाश ढाकणे, सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायुक्त शरद उघडे तथा आपदा प्रबंधन निदेशक महेश नार्वेकर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

जलभराव की समस्या से तत्काल राहत देने के लिए मुंबई के संवेदनशील क्षेत्रों में 448 जल निकासी पंप और 19 छोटे पंपिंग स्टेशन पूरी क्षमता के साथ संचालित किए जा रहे हैं। कचरा प्रबंधन विभाग की टीमें मैनहोल और नालों में कचरा फंसने से रोकने के लिए लगातार सफाई अभियान चला रही हैं।

बीएमसी ने बारिश के पानी के संपर्क में आने वाले लोगों को लेप्टोस्पायरोसिस बीमारी से सतर्क रहने की सलाह दी है। फील्ड पर कार्यरत कर्मचारियों को बीएमसी डिस्पेंसरी से डॉक्सीसायक्लिन 200 मिग्रा की दवा लेने के निर्देश भी दिए गए हैं। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत आपदा प्रबंधन कक्ष या अपने स्थानीय वार्ड कार्यालय से संपर्क करें।

Pratahkal Bureau

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