मुंबई पुलिस ने एक ऐसे सनसनीखेज चोरी के मामले का खुलासा किया है, जिसमें भरोसे का चेहरा ही गुनाह का सूत्रधार निकला। रफी अहमद किदवई (आरएके) मार्ग पुलिस ने शिवड़ी नाका स्थित बुसा इंडस्ट्रियल एस्टेट में हुई लाखों की स्वर्णाभूषण चोरी का पर्दाफाश करते हुए फैक्टरी के चौकीदार समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। चोरी की यह वारदात 21 अक्टूबर की रात को हुई थी, जब फैक्टरी में लगभग 48 लाख रुपये मूल्य के 400 ग्राम सोने के आभूषण चोरी हो गए थे।

पुलिस ने जिन चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें फैक्टरी का चौकीदार रोहितकुमार मोहेन्द्रकुमार शर्मा (20), मनीष राठौड़ (24), भगवान पारसकर उर्फ मामा (60) और मंगल कश्यप (20) शामिल हैं। इनके अलावा दो और आरोपी, जिनमें एक नेपाल और दूसरा पश्चिम बंगाल का निवासी बताया गया है, फिलहाल फरार हैं। पुलिस उनके ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है।

चौकीदार ही बना साजिशकर्ता

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि चोरी की यह साजिश खुद उसी व्यक्ति ने रची थी जिसे फैक्टरी की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। आरोपी रोहितकुमार शर्मा, जो उत्तर प्रदेश के कानपुर का रहने वाला है, शिवड़ी स्थित आभूषण निर्माण इकाई में चौकीदार के रूप में काम करता था। फैक्टरी के मालिक प्रदीप दिनेश शर्मा की गैरमौजूदगी में उसने अपने साथियों के साथ मिलकर चोरी की योजना बनाई थी।

21 अक्टूबर की रात लक्ष्मी पूजा के बाद मालिक और अतिथि लगभग रात 8.30 बजे फैक्टरी से चले गए। उस समय अन्य कर्मचारी भी भोजन के लिए बाहर गए हुए थे। मौके का फायदा उठाते हुए रात करीब 10:15 बजे मनीष राठौड़ अपने दो साथियों के साथ पार्सल देने के बहाने फैक्टरी में घुस गया, जबकि भगवान पारसकर और मंगल कश्यप बाहर चौकसी करते रहे।

गढ़ी गई झूठी कहानी

घटना के बाद चौकीदार रोहित ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। उसने बयान दिया कि तीन अज्ञात लोगों ने फैक्टरी में घुसकर उसे चाकू की नोक पर धमकाया, उसके पैर पर वार किया और पूजा टेबल के पास रखे दराज से स्वर्णाभूषण लेकर भाग गए। उसने दावा किया कि शोर मचाने पर उसे केईएम अस्पताल ले जाया गया।

हालांकि, पुलिस को उसके बयान में कई विरोधाभास नज़र आए। जब तकनीकी साक्ष्य — जैसे सीसीटीवी फुटेज और कॉल रिकॉर्ड — की जांच की गई, तो चौकीदार की भूमिका संदिग्ध लगने लगी। पूछताछ के दौरान अंततः उसने पूरी साजिश कबूल कर ली।

चार गिरफ्तार, दो की तलाश जारी

चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। सभी आरोपी उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और नेपाल के निवासी बताए जा रहे हैं, जो नवी मुंबई में मजदूरी करते थे और एक ही कमरे में साथ रहते थे। पुलिस अब फरार दोनों आरोपियों की तलाश कर रही है और चोरी हुए 48 लाख रुपये मूल्य के स्वर्णाभूषण की बरामदगी के लिए छापेमारी जारी है।

मुंबई पुलिस ने इस कार्रवाई को पेशेवर सफलता माना है। अधिकारियों का कहना है कि यह मामला भरोसे और विश्वास की आड़ में रची गई सुनियोजित साजिश का उदाहरण है, जो यह दर्शाता है कि अपराधी अब परिचित और विश्वसनीय दायरे से भी उभर सकते हैं।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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