मुंबई और आसपास के इलाकों में दीपावली के दौरान पटाखों से आग लगने की दो बड़ी घटनाएं सामने आई हैं। घाटकोपर पूर्व में शुक्रवार रात 21 मंजिला आवासीय इमारत की 20वीं मंजिल पर भीषण आग लग गई, जबकि नालासोपारा पूर्व के शिर्डी नगर इलाके में पटाखों से जुड़ी घटना के बाद एक पर्यटक वाहन और निजी कार आग की चपेट में आ गए। दोनों घटनाओं में शुरुआती तौर पर पटाखों को आग लगने की वजह माना जा रहा है। घाटकोपर की घटना में तीन लोग घायल हुए हैं, जिनमें एक व्यक्ति 27 प्रतिशत तक झुलस गया।

घाटकोपर पूर्व के पंतनगर इलाके में वल्लभ बाग लेन स्थित रॉयल अल्टेज़ा आवासीय इमारत में शुक्रवार रात करीब 8:08 बजे आग लगी। मुंबई की मेयर रितु तावड़े के कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, आग इमारत की 20वीं मंजिल पर लगी थी। शुरुआत में अधिकारियों ने 25 मंजिला इमारत की 23वीं मंजिल पर आग लगने की जानकारी दी थी, लेकिन बाद में स्पष्ट किया गया कि संबंधित इमारत 21 मंजिला है और आग 20वीं मंजिल पर लगी थी।

घटना की सूचना मिलते ही मुंबई दमकल विभाग की कम से कम आठ गाड़ियां और अन्य अग्निशमन उपकरण मौके पर भेजे गए। आग को द्वितीय श्रेणी (लेवल-2) का घोषित किया गया। दमकलकर्मियों ने दो घंटे से अधिक समय तक अभियान चलाकर आग पर काबू पाया।

इस हादसे में 45 वर्षीय साईनाथ अवाले करीब 27 प्रतिशत तक झुलस गए। उन्हें राजावाड़ी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक, उनकी हालत स्थिर है। वहीं, नीरव लोदया (34) और राजेश लोदया (47) भी आग की चपेट में आने से घायल हो गए। दोनों को नजदीकी ज़िनोवा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी हालत भी स्थिर बताई गई है। मेयर रितु तावड़े ने घटनास्थल का दौरा कर बचाव एवं राहत कार्यों का जायजा लिया।

इसी बीच नालासोपारा पूर्व के शिर्डी नगर इलाके में भी आग लगने की घटना सामने आई। यहां पटाखों से जुड़ी घटना के बाद एक पर्यटक वाहन और निजी कार आग की चपेट में आ गए। सूचना मिलने पर दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस घटना में किसी के घायल होने या जान जाने की खबर नहीं है, हालांकि दोनों वाहनों को नुकसान पहुंचा है।

अधिकारियों ने शुरुआती जांच के आधार पर घाटकोपर की इमारत में आग लगने की वजह पटाखे को माना है। आशंका जताई जा रही है कि किसी पटाखे, संभवतः रॉकेट के कारण आग लगी होगी। हालांकि, आग लगने के वास्तविक कारण का पता लगाने के लिए जांच जारी है। इसके साथ ही संपत्ति को हुए नुकसान का आकलन भी किया जा रहा है।

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