मानसून के दौरान मुंबई को जलजमाव के संकट से सुरक्षित रखने के लिए प्रशासनिक मशीनरी ने अपनी कार्यक्षमता को तीव्र कर दिया है। इसी क्रम में मुंबई के उपमहापौर संजय घाडी ने स्पष्ट और कड़ा निर्देश जारी किया है कि आगामी 31 मई तक शहर की समस्त नदियों और नालों की सफाई का कार्य अनिवार्य रूप से पूर्ण कर लिया जाए। गुरुवार को उपमहापौर ने एल विभाग के क्षेत्राधिकार में आने वाले साकीनाका मेट्रो स्टेशन के समीप स्थित नाले, सफेद पुल नाले और क्रांति नगर क्षेत्र में प्रवाहित होने वाली मिठी नदी के सफाई कार्यों का प्रत्यक्ष स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को कड़े लहजे में आगाह किया कि सफाई का कार्य केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि धरातल पर उसकी स्पष्ट दृश्यता होनी चाहिए ताकि मुंबई के नागरिकों को जलभराव की समस्या से स्थायी रूप से निजात मिल सके।

कार्य की प्रगति का विवरण प्रस्तुत करते हुए उपमहापौर ने जानकारी दी कि 7 मई 2026 तक बड़े नालों की सफाई का 51.40 प्रतिशत, छोटे नालों का 62.80 प्रतिशत और मिठी नदी से गाद निकालने का 35.60 प्रतिशत कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो चुका है। उन्होंने पूर्ण विश्वास व्यक्त किया कि प्रशासन निर्धारित समय सीमा के भीतर शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने में सक्षम होगा। इस महत्वपूर्ण निरीक्षण दौरे पर उनके साथ महिला एवं बाल कल्याण समिति की अध्यक्षा मीनल तुर्डे तथा अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे। घाडी ने प्रशासन को उन संवेदनशील क्षेत्रों के लिए पूर्व-नियोजित आपातकालीन योजना तैयार रखने का निर्देश दिया जहाँ बाढ़ का खतरा सर्वाधिक रहता है, ताकि विषम परिस्थितियों में नागरिकों को अविलंब सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जा सके। अंत में उन्होंने नागरिकों से नालों में कचरा या भारी वस्तुएं न फेंकने का आह्वान किया, साथ ही अधिकारियों को नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई करने का स्पष्ट आदेश भी पारित किया।

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