मुंबई डायमंड कारोबारी से 35 करोड़ की ठगी, कंपनी और निदेशकों पर केस
आर्थिक अपराध शाखा ने सोलिटारियो लैब ग्रोन प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ 34.75 करोड़ रुपये के निवेश धोखाधड़ी और चेक बाउंस मामले में प्राथमिकी दर्ज की है।

मुंबई। डायमंड कारोबार में एक कारोबारी से करीब 34.75 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने एक कंपनी, उसके निदेशकों और अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
ठगी की शिकायत और मुख्य आरोपी
मिली जानकारी के अनुसार क्यूपिड डायमंड्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक निमेष मेहता ने बीकेसी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा को सौंप दी गई। शिकायत में सोलिटारियो लैब ग्रोन प्राइवेट लिमिटेड, उसके निदेशक रिकी वसंदानी और अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है।
साजिश और निवेश का झांसा
आरोप है कि उन्होंने डायमंड कारोबार बढ़ाने के नाम पर शिकायतकर्ता को लैब ग्रोन डायमंड देने के लिए प्रेरित किया। आरोपियों ने यह भी भरोसा दिलाया कि नई कंपनी सोलिटारियो लैब ग्रोन प्राइवेट लिमिटेड में शिकायतकर्ता की कंपनी लिंकबिज एलएलपी को 15 प्रतिशत हिस्सेदारी दी जाएगी। इसी भरोसे पर एक अस्पष्ट और कानूनी रूप से कमजोर शेयर सब्सक्रिप्शन समझौता कराया गया और शिकायतकर्ता से हस्ताक्षर ले लिए गए।
धोखाधड़ी और पुलिसिया कार्रवाई
एफआईआर के अनुसार बाद में आरोपियों ने दिए गए चेक भी बाउंस होने दिए। "मामले की आगे जांच आर्थिक अपराध शाखा कर रही है।" मुंबई में हुए इस बड़े डायमंड स्कैम ने व्यापारिक जगत में हलचल मचा दी है।

Pratahkal Bureau
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