मुंबई। युनेस्को द्वारा विश्व धरोहर का दर्जा प्राप्त मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस यानी सीएसएमटी स्टेशन पर चल रहे पुनर्विकास कार्य ने लंबी दूरी की ट्रेनों के संचालन को प्रभावित कर दिया है। पिछले सात महीनों से प्लेटफॉर्म नंबर 16 और 17 निर्माण कार्य के लिए पूरी तरह बंद हैं। अब काम में तेजी लाने के लिए प्लेटफॉर्म नंबर 14 और 15 को भी बंद करने की मांग की जा रही है। दोनों प्लेटफॉर्म बंद होने की स्थिति में मध्य रेलवे के लिए ट्रेनों का संचालन संभालना और मुश्किल हो जाएगा।

फरवरी से प्लेटफॉर्म नंबर 16 और 17 बंद होने के कारण हावड़ा, गोवा और मंगलोर की तरफ से आने वाली कई प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों को सीएसएमटी के बजाय दादर और ठाणे स्टेशनों पर ही रोका जा रहा है। इससे रोज यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, पुनर्विकास कार्य की तय समयसीमा बार-बार आगे बढ़ने से स्थिति और गंभीर हो गई है। जब तक बंद पड़े प्लेटफॉर्म यात्रियों के लिए पूरी तरह तैयार नहीं हो जाते, तब तक नए प्लेटफॉर्म बंद करना संभव नहीं है। ऐसे में प्लेटफॉर्म नंबर 14 और 15 को बंद करने की मांग के बीच रेलवे के सामने संचालन व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती बनी हुई है।

लगभग 2,450 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस आधुनिक प्रोजेक्ट की समयसीमा अब 2026 से बढ़ाकर 2028 कर दी गई है। पुनर्विकास के तहत रूफ प्लाजा, नया फूड कोर्ट और आधुनिक प्रतीक्षालय बनाए जा रहे हैं। वहीं, सीएसएमटी की मुख्य ऐतिहासिक इमारत के मूल स्वरूप को बिल्कुल सुरक्षित रखा जाएगा।

सीएसएमटी के पुनर्विकास के साथ यात्री सुविधाओं को आधुनिक बनाने का काम जारी है, लेकिन निर्माण के चलते लंबी दूरी की ट्रेनों के संचालन पर पड़ रहा असर यात्रियों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। बीएमसी प्रशासन और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी स्थिति को जल्द से जल्द सामान्य करने के प्रयास में जुटे हुए हैं।

Pratahkal Bureau

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