मुंबई के वीरमाता जीजाबाई भोसले उद्यान में जल्द गूंजेगी शेरों की दहाड़, गुजरात जाएंगी महापौर रितु तावड़े
मुंबई के वीरमाता जीजाबाई भोसले उद्यान में एशियाई शेर लाने की प्रक्रिया तेज हुई। महापौर रितु तावड़े स्वयं गुजरात जाएंगी, जबकि पेंगुइन बनाम शेर पर राजनीति भी गरमा गई है।

मुंबई के भायखला स्थित प्रसिद्ध वीरमाता जीजाबाई भोसले उद्यान में आने वाले पर्यटकों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। चिड़ियाघर में शेरों के लिए अत्याधुनिक और आलीशान पिंजरा पूरी तरह तैयार है, लेकिन शेरों के अभाव में यह बाड़ा लंबे समय से खाली पड़ा है। हर दिन बड़ी संख्या में पहुंचने वाले पर्यटक शेर का पिंजरा सूना देखकर निराश लौट रहे हैं। अब मुंबईकरों की इसी निराशा को दूर करने और रानी बाग की रौनक बढ़ाने के लिए मुंबई की महापौर रितु तावड़े ने स्वयं पहल करने का निर्णय लिया है।
महापौर रितु तावड़े ने घोषणा की है कि वह गुजरात के जूनागढ़ स्थित सक्करबाग चिड़ियाघर का व्यक्तिगत दौरा करेंगी, ताकि प्रशासनिक स्तर पर लंबित अड़चनों को दूर कर एशियाई शेरों को जल्द से जल्द मुंबई लाया जा सके। दरअसल, बृहन्मुंबई महानगरपालिका और गुजरात के सक्करबाग चिड़ियाघर के बीच करीब डेढ़ महीने पहले पशु विनिमय कार्यक्रम के तहत एक समझौता हुआ था। रानी बाग के निदेशक संजय त्रिपाठी द्वारा जारी पत्र के अनुसार, मुंबई को दो जोड़ी यानी चार दुर्लभ एशियाई शेर मिलने हैं।
इस समझौते के तहत रानी बाग प्रशासन गुजरात को तीन जोड़ी विदेशी कैपुचिन बंदर उपलब्ध कराएगा। इन बंदरों की व्यवस्था एक अधिकृत एजेंसी के माध्यम से की जाएगी। पूरी प्रक्रिया केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण के निर्धारित नियमों, क्वारंटीन प्रोटोकॉल और परिवहन मानकों के अनुरूप पूरी की जाएगी। रानी बाग प्रशासन ने यह व्यावहारिक सुझाव भी दिया है कि विदेशी कैपुचिन बंदरों को भारत पहुंचते ही सीधे गुजरात भेज दिया जाए, ताकि उन्हें बार-बार यात्रा का तनाव न झेलना पड़े।
हालांकि, इस प्रस्ताव पर पिछले डेढ़-दो महीने से गुजरात प्रशासन की ओर से कोई अंतिम प्रतिक्रिया नहीं मिलने के कारण पूरी प्रक्रिया अटकी हुई है। अब महापौर स्वयं जूनागढ़ जाकर इस मामले को गति देने का प्रयास करेंगी, ताकि शेरों को जल्द मुंबई लाने की प्रक्रिया पूरी हो सके।
इस वन्यजीव संरक्षण पहल के बीच मुंबई की राजनीति भी तेज हो गई है। महापौर रितु तावड़े ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्व महापौर किशोरी पेडनेकर अपने कार्यकाल में रानी बाग में ठंडे प्रदेश के पेंगुइन लेकर आई थीं, जबकि उनकी सरकार मुंबई में असली शेर लेकर आएगी। उन्होंने दावा किया कि एशियाई शेरों के आगमन के बाद चिड़ियाघर में आने वाले पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज होगी।
बीएमसी में पहली बार भाजपा के नेतृत्व वाली सत्ता आने के बाद प्रशासन इस परियोजना को अपनी प्रतिष्ठा से जोड़कर देख रहा है। यदि गुजरात सरकार से सभी आवश्यक वैधानिक अनुमतियां समय पर मिल जाती हैं, तो मुंबई के दर्शकों का अपनी ही नगरी में बब्बर शेरों को देखने का वर्षों पुराना सपना जल्द साकार हो सकता है।

Pratahkal Bureau
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